By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
रूसी तेल एवं गैस के भारत, चीन समेत बड़े खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रावधान करने वाले विधेयक को अमेरिकी सीनेट में मंजूरी दिए जाने के बीच भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट में मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक अब निचले सदन प्रतिनिधि सभा में विचार के लिए जाएगा। प्रस्तावित कानून अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों पर कड़े व्यापारिक शुल्क लगाने का अधिकार देगा, जो रूस से बड़े पैमाने पर तेल एवं गैस का आयात करते हैं।
इसके तहत रूसी अधिकारियों, उद्योगपतियों, उनके परिवारों, बैंकों और रूसी शैडो फ्लीट को निशाना बनाया गया है। विधेयक की धारा 113 के तहत उन पांच देशों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है, जो रूसी ईंधन के सबसे बड़े खरीदार हैं या प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं। इसमें भारत और चीन के अलावा स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं।
प्रस्ताव के अनुसार, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) हर 180 दिन में इन देशों की सूची की समीक्षा करेगा और उनके आयात व्यवहार के आधार पर शुल्क दरों में बदलाव किया जा सकता है।