चीन में जबरन गर्भपात के विरोध में अमेरिका ने UNFPA की फंडिंग रोकी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 17, 2019

वाशिंगटन। चीन में जबरन गर्भपात किए जाने का विरोध करते हुए अमेरिका ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष को दी जाने वाली निधि को फिर से रोकेगा। अमेरिका के इस फैसले के बाद एजेंसी ने उस पर महिलाओं के स्वास्थ्य को जोखिम में डालने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर अमेरिका ने एजेंसी पर चीन के साथ मिलकर जबरन गर्भपात में संलिप्त होने की बात कही है। लगातार तीसरे साल अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र संस्था में योगदान देने से इनकार कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया है कि जब ट्रंप प्रशासन अपने ईसाई देश के लिए अहम मसला बन चुके गर्भपात के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है।

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि चीन की परिवार नियोजन नीतियों में अब भी जबरन गर्भपात और बिना इच्छा के नसबंदी शामिल है। अमेरिकी कानून के अनुसार इन स्थितियों में फंडिंग रोकने की जरुरत है। बहरहाल, यूएनएफपीए ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वह जोर-जबरदस्ती वाली नीतियों का विरोध करती है और अमेरिका ने चीन में उसके कार्यालय का कभी निरीक्षण नहीं किया।

इसे भी पढ़ें: अमेरिका के साथ बैलिस्टिक मिसाइल पर बातचीत संभव: ईरान के विदेश मंत्री

एजेंसी ने एक बयान में अमेरिका से अपने फैसले पर पुन: विचार करने का अनुरोध करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण फैसला दुनियाभर में लाखों महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य और जिंदगियों की रक्षा करने में यूएनएफपीए के महत्वपूर्ण काम को बाधित करेगा। चीन ने तेजी से बढ़ती अपनी आबादी पर लगाम लगाने के लिए 1970 में एक बच्चे की नीति लागू की थी जिससे बड़े पैमाने पर जबरन गर्भपात और नसबंदी की गई। तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में 2016 में अमेरिका ने यूएनएफपीए को 6.3 करोड़ डॉलर से अधिक धनराशि दी थी। वह ब्रिटेन और स्वीडन के बाद तीसरा सबसे बड़ा डोनर था।

 

प्रमुख खबरें

South Africa ने पहले ODI में Australia को 67 रन से हराया, Matthew Breetzke का शतक

बैठक में सिंधिया ने टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन TMZ के आगामी कार्ययोजना को लेकर की समीक्षा, सिंधिया ने अधिकारियों को दिए निर्देश

Asian Games Table Tennis: मानुष शाह और दीया चिताले ने जीता कांस्य पदक

CEC Gyanesh Kumar बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं, P Chidambaram ने मांगा इस्तीफा