Donald Trump के Mail Voting आदेश को US Supreme Court से मिली हरी झंडी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 25, 2026

अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने डाक से मतदान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासकीय आदेश को आगे बढ़ाने का रास्ता सोमवार को साफ कर दिया। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि नजदीक आ रहे मध्यावधि चुनावों से पहले उनका प्रशासन इस आदेश को किस हद तक लागू कर पाएगा। इस फैसले को अदालत में चुनौती देने की गुंजाइश बनी हुई है, जो ट्रंप के आदेश के कार्यान्वयन में और देरी कर सकती हैं।

ट्रंप का दावा रहा है कि इससे चुनाव में हेराफेरी को बढ़ावा मिलता है। हालांकि, इसके विपरीत ठोस प्रमाण मौजूद हैं और खुद ट्रंप भी इस मतदान पद्धति का इस्तेमाल कर चुके हैं। अमेरिकी न्याय विभाग ने शीर्ष अदालत में आपात अपील दायर कर अनुरोध किया था कि मध्यावधि चुनाव से पहले बदलावों को लागू करने की प्रक्रिया पर काम करने की अनुमति दी जाए।

मार्च में हस्ताक्षरित ट्रंप के शासकीय आदेश में उनके प्रशासन से पात्र मतदाताओं की सूची तैयार करने को कहा गया है। साथ ही, अमेरिकी डाक सेवा को निर्देश दिया गया है कि वह डाक मतपत्र केवल उन्हीं लोगों को भेजे, जिनके नाम इन सूचियों में शामिल हों। देश के 23 राज्यों और कोलंबिया जिले के डेमोक्रेटिक अधिकारियों ने इस आदेश को रोकने के लिए मुकदमा दायर किया।

उनका तर्क था कि संविधान राज्यों और कांग्रेस को चुनाव संचालित करने का अधिकार देता है और ट्रंप के प्रस्तावित बदलावों से अराजकता और राजनीतिक पक्षपात का दुरुपयोग हो सकता है। वहीं ट्रंप प्रशासन ने तर्क दिया कि राज्यों ने बहुत जल्द मुकदमा दायर कर दिया। प्रशासन ने वाशिंगटन से आए एक अन्य फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें एक न्यायाधीश ने ट्रंप के आदेश को आगे बढ़ने की अनुमति दी थी।

एक अपीलीय अदालत ने भी उस फैसले का समर्थन किया, हालांकि उसने भविष्य में बदलाव लागू किए जाने की स्थिति में आगे की अदालती कार्रवाई की गुंजाइश बरकरार रखी। उच्चतम न्यायालय पहले भी डाक मतपत्रों से जुड़े ट्रंप समर्थित तर्कों के खिलाफ फैसला दे चुका है। जून में अदालत ने फैसला सुनाया था कि राज्य ऐसे मतपत्रों की भी गिनती कर सकते हैं जो चुनाव वाले दिन के बाद पहुंचते हैं।

ट्रंप ने बिना ठोस सबूत के 2020 में डेमोक्रेटिक नेता जो बाइडन से अपनी हार के लिए डाक से मतदान को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने अपने शासकीय आदेश में प्रस्तावित बदलावों को ऐसे सुरक्षा उपायों के रूप में पेश किया है, जिनका उद्देश्य गैर-अमेरिकी नागरिकों को मतदान करने से रोकना है। ट्रंप ने उस कानून को पारित करने की भी बार-बार मांग की है, जिसमें मतदान के लिए नागरिकता का प्रमाण देना अनिवार्य किया जाएगा।

अमेरिका के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के मतदाताओं के बीच डाक मतपत्रों का इस्तेमाल बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डाले गए कुल मतपत्रों में करीब 30 प्रतिशत डाक के जरिए डाले गए थे। डाक से मतदान की प्रक्रिया सुरक्षित भी मानी जाती है।

‘ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन’ के 2025 के एक अध्ययन के अनुसार, डाक से डाले गए हर एक करोड़ मतपत्रों में हेरफेर के केवल करीब चार मामले सामने आए।

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