By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 27, 2022
वाशिंगटन। भारतीय-अमेरिकियों के एक समूह ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग की ताजा वार्षिक रिपोर्ट पर नाखुशी जतायी और आरोप लगाया कि यह भारत के खिलाफ पक्षपातपूर्ण है। इस रिपोर्ट में राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन को धार्मिक स्वतंत्रता के दर्जे के संबंध में भारत, चीन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और 11 अन्य देशों को ‘‘खास चिंता वाले देशों’’ की सूची में डालने की सिफारिश की गयी है। हालांकि, अमेरिकी सरकार इस सिफारिश को मानने के लिए बाध्य नहीं है।
कैलिफोर्निया में ‘खालसा टुडे’ के मुख्य संपादक सुखी चहल ने कहा, ‘‘विदेश में कुछ भारत विरोध ताकतों और खालिस्तानी तत्वों ने किसानों के प्रदर्शनों के जरिए भारत में बाधा उत्पन्न करने के लिए अमेरिकी डॉलर में इनाम देने की खुले तौर पर घोषणा की थी। यह मानने के बजाय कि खालिस्तानी आतंकवादियों ने किसानों के आंदोलन में घुसपैठ की थी, रिपोर्ट में यह गलत तरीके से दिखाया गया है कि सरकार ने सभी सिख किसान प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी बताकर उनका अपमान किया।