By दिव्यांशी भदौरिया | Jan 10, 2026
क्या होता है USSD स्कैम ?
USSD (Unstructured Supplementary Service Data) एक नेटवर्क-बेस्ड टेक्सट सेशन सर्विस है, जो बिना इंटरनेट के काम करती है। बैंकिंग, मोबाइल बैलेंस चेक या अन्य सर्विसेज में इसका व्यापक प्रयोग किया जाता है। बता दें कि, इसमें कॉल फॉरवर्डिंग जैसे फीचर्स भी यूएसएसडी कोड्स के माध्यम ही नियंत्रित करता है। यूजर कोड डायल करता है, टेलीकॉम नेटवर्क इसे अधिकृत निर्देश मानकर नेटवर्क लेवल पर कॉल फॉरवर्डिंग सेट कर देता है। बिना ये बताए कि कॉल्स किस नंबर पर फॉरवर्ड होंगी।
कौन लोग निशाने पर हैं?
स्कैमर्स आमतौर पर उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो नियमित रूप से ऑनलाइन खरीदारी करते हैं। डिलीवरी के दौरान पता सत्यापन या ओटीपी के लिए कॉल आना आम होता है,और इसी सामान्य प्रक्रिया का फायदा उठाकर वे लोगों को धोखे में फंसा लेते हैं।
कैसे काम करता है ये स्कैम?
एक्सपर्ट के मुताबिक, ये फ्रॉड कॉल फॉरवर्डिंग नेटवर्क के जरिए होती है, न किसी एप या लिंक के जरिए। इसलिए आपका फोन सामान्य नजर आता है, हालांकि बैकग्राउंड में आपके कॉल्स किसी और को सुनाई देते हैं।
सवधान रहने की जरुरत
- कॉल्स में अचानक कम होना: यदि आपके मोबाइल नंबर पर काफी समय से कोई कॉल नहीं आ रही है या कॉल करने पर आपका नंबर लगातार अनरिचेबल बताया जा रहा है, तो यह असामान्य स्थिति हो सकती है।
- बैंक या मैसेजिंग एप्स से आने वाले वॉइस ओटीपी या वेरिफिकेशन कॉल्स का बंद हो जाना।
- फोन स्क्रीन पर अचानक से कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव जैसा मैसेज फ्लैश होना।
- अक्सर दुरुपोग होने वाले खतरनाक यूएसएसडी कोड्स।
स्कैमर्स कैसे कोड्स का यूज करता है?
- 21: बिना किसी शर्त के सभी कॉल्स फॉरवर्ड करना।
- 401: कुछ विशेष भारतीय नेटवर्क्स पर कॉल डायवर्जन।
- 61 या 67: फोन न उठाने या बिजी होने पर कॉल फॉरवर्ड करना।
कैसे रहें सुरक्षित
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों से बचाव के लिए LBW नियम अपनाना जरूरी है। L (Law Enforcement) के तहत तुरंत शिकायत दर्ज करें या 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें। B (Bank) में किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत अपने बैंक को दें। वहीं W (Wipe) के अंतर्गत यदि फोन हैक होने का शक हो, तो जरूरी डेटा सुरक्षित करके डिवाइस को रिसेट करें और सभी पासवर्ड बदल दें।