By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 21, 2026
दुनिया में ऐसे बहुत से फनकार हुए हैं, जो किसी एक देश की सरहदों तक सीमित नहीं रहे। ऐसे भी लोग हुए, जिन्होंने किसी एक साज के साथ खुद को ऐसा जोड़ लिया कि दोनों एक-दूसरे का पर्याय बन गए। बांसुरी के साथ हरि प्रसाद चौरसिया, तबले के साथ उस्ताद अल्लाह रक्खा खां और उनके पुत्र उस्ताद जाकिर हुसैन, सितार के साथ पंडित रविशंकर और शहनाई के साथ उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की बात करें, तो वह अपने फन के इस कदर माहिर थे कि उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया। इतिहास में 21 अगस्त का दिन ‘भारत रत्न’ उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के निधन के दिन के तौर पर दर्ज है। 21 अगस्त 2013 को सीरिया में दमिश्क के पास घोटा क्षेत्र में रसायनिक हमले में सारिन नर्व गैस का इस्तेमाल किया गया जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित 1000 से अधिक लोगों की मौत हो गई। अंतरराष्ट्रीय जांच संगठनों और मानवाधिकार संगठनों ने इस हमले के लिए बशर अल असद की सरकार को जिम्मेदार माना। इस घटना को 21वीं सदी में नागरिकों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का सबसे घातक उपयोग माना जाता है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते सीरिया के रासायनिक हथियारों को नष्ट करने का समझौता हुआ था।