Uttar Pradesh: बदली रणनीति के साथ यूपी के दंगल में दांव लगा रहीं मायावती, हर वर्ग तक हो रही पहुंचने की कोशिश

By अंकित सिंह | May 08, 2024

लोकसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रही है। वह पूरे उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने जा रही हैं। ऐसे में लग रहा है कि लोकसभा चुनाव के लिओए मायावती ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। चुनाव के पहले तीन चरणों के लिए अपने प्रचार में, मायावती ने दलितों, मुसलमानों, जाटों, ब्राह्मणों और ठाकुरों सहित सभी समुदायों तक पहुंच बनाई है। अतीत में मायावती ने इल वर्गों को साधकर ही सत्ता के शिर्ष पर पहुंचीं थीं। अपनी रैलियों में वह समान रूप से सपा, कांग्रेस और भाजपा पर वार कर रही हैं। 

इसे भी पढ़ें: 'साउथ इंडिया में रहने वाले अफ्रीकन तो पूर्व के लोग चीनी जैसे दिखते है...' सैम पित्रोदा का नया बयान, भाजपा हुई हमलावर

पहले चरण में पश्चिमी यूपी की आठ सीटों पर, मायावती ने पांच रैलियों को संबोधित किया और आकाश ने दो निर्वाचन क्षेत्रों में बैठकें कीं। दूसरे चरण में जिन आठ सीटों पर मतदान हुआ, उनके लिए मायावती और आकाश दोनों ने पांच-पांच रैलियां कीं। तीसरे चरण की 10 सीटों के लिए मायावती ने आगरा और सपा के गढ़ मैनपुरी और बदायूं सहित तीन सीटों पर रैलियों को संबोधित किया। आकाश ने आगरा और हाथरस में रैलियों को संबोधित किया।  4 मई को, मायावती ने दलित बहुल आगरा सीट पर एक बैठक को संबोधित किया, जहां उन्होंने जाटव और गैर-जाटव दलितों के बीच एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। जहां जाटवों को बसपा का मूल आधार माना जाता है, वहीं गैर-जाटव दलितों का एक वर्ग भाजपा का समर्थन करने के लिए जाना जाता है। यूपी की आबादी में 21% दलित हैं, जिनमें से 54% जाटव हैं।

मायावती अपने प्रचार में दलित और मुस्लिम वोट को साधने की कोशिश कर रही हैं। वहीं क्षत्रिय (ठाकुर) समुदाय के वोट को भी जोड़ने की कनायद जारी है। बसपा सुप्रीमो ने पश्चिमी यूपी में भाजपा के खिलाफ क्षत्रियों के एक वर्ग के बीच कथित नाराजगी को भी भुनाने की कोशिश की, साथ ही "मुसलमानों और क्षत्रियों के बीच भाईचारा" की अपील की, उन्होंने कहा कि कैराना में मुस्लिम समुदाय को बसपा उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए "इस भाईचारे को मजबूत करो"। भीम आर्मी के संस्थापक और आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के प्रमुख चंद्र शेखर आज़ाद, जो नगीना सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, का उल्लेख किए बिना, मायावती ने दलित मतदाताओं को सावधान करने की कोशिश की।

प्रमुख खबरें

IPO Market में जबरदस्त हलचल: अगले हफ्ते 5 कंपनियां जुटाएंगी ₹7,443 करोड़, Investors के लिए बड़ा मौका

Maruti Suzuki का ₹35,000 करोड़ का Investment Plan: 5 साल में 63 लाख कारों की बिक्री का है महा-लक्ष्य

Galle Test से पहले Team India में बड़ा फेरबदल, Sai Sudharsan की जगह Sarfaraz Khan को मिली जिम्मेदारी

Shubman Gill फिट, Yashasvi Jaiswal का जलवा, Sri Lanka के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया का दमदार प्रदर्शन