सशस्त्रबल के कर्मियों को त्वरित न्याय के लिए उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने विशेष दिशानिर्देश जारी किए

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 09, 2025

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सशस्त्र बलों के कर्मियों और उनके आश्रितों को शीघ्र न्याय सुनिश्चित कराने के उद्देश्य सेविशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं। दिशानिर्देश में राज्य की सभी अधीनस्थ अदालतों को ऐसे मामलों की पहचान करने और उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा गया है।

तत्काल प्रभाव से लागू होने वाली इस अधिसूचना में सभी अदालतों को पहले सशस्त्र बलों के सदस्यों से जुड़े लंबित मामलों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है। न्यायालयों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे मामलों की सुनवाई करते समय भारतीय सैनिक (मुकदमाबाजी) अधिनियम 1925, सेना अधिनियम, 1950, वायु सेना अधिनियम, 1950, नौसेना अधिनियम, 1950 तथा अन्य लागू कानूनों के प्रासंगिक प्रावधानों का पालन करें।

दिशानिर्देशों के मुख्य बिंदुओं में कहा गया है कि अगर कार्यवाही के दौरान किसी रक्षाकर्मी की व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी हो तो न्यायालयों को अनावश्यक विलंब से बचने के लिए उनकी उपलब्धता के अनुसार सुनवाई तय करनी होगी।

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि ऐसे मामलों में, जहां किसी सेवारत या सेवानिवृत्त रक्षाकर्मी की गिरफ्तारी या संपत्ति की कुर्की की मांग की जाती है, कमांडिंग ऑफिसर या जिला सैनिक बोर्ड को इसकी पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा।

प्रमुख खबरें

UP के Badaun में पुलिस टीम पर पथराव के बाद 8 लोग गिरफ्तार, 2 FIR दर्ज

FSSAI ने Aerocity के JW Marriott और Andaz होटल को भेजा नोटिस, मिली थीं कई खामियां

Bihar Flood Alert: Gandak Barrage के सभी 36 फाटक खोले गए, नेपाल में बाढ़ के बाद सतर्कता

बच्चों के लिए विपुल साहित्य की रचना समय की जरूरत: रघुनंदन शर्मा