By अनन्या मिश्रा | Feb 27, 2026
भारत में घूमने-फिरने के लिए कई जगहें मौजूद हैं। किसी को हिल स्टेशन पसंद है, तो किसी को बीच पर चिल करना अच्छा लगता है। सर्दी हो या गर्मी पहाड़ों पर तो आपको हमेशा ही भीड़ देखने को मिलेगी। उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है, जहां पर घूमने के लिए आपको कई शानदार जगहें मिल जाएंगी। उत्तराखंड का चोपता नेचर लवर्स के लिए स्वर्ग से कम नहीं है। चोपता की खूबसूरती देखने लायक होती है।
चोपता को लोग 'मिनी स्विट्जरलैंड' के नाम से भी जाना जाता है। यहां आने के बाद ऐसा लगता है कि जैसे वक्त थोड़ी देर के लिए थम गया है। यही कारण है कि नेचर फोटोग्राफी, सुकून और पहाड़ों से प्यार करने वाले लोगों के लिए चोपता एक परफेक्ट जगह है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि चोपता को नेचर लवर्स पैराडाइज क्यों कहा जाता है।
चोपता उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। केदारनाथ से करीब 80 किमी दूरी पर स्थित है। औली से इसकी दूरी करीब 148 किमी है। यहां जाने का रास्ता बेहद खूबसूरत है। कोई भी इस रास्ते से जाता है, तो यहां की वादियों में खो जाता है।
चोपता, केदारनाथ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का हिस्सा है। यहां पर आप दोस्तों के साथ कैंपिंग कर सकती हैं। लेकिन इसके लिए आपको फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से परमिशन लेना जरूरी है। यही जगह तुंगनाथ ट्रेक की शुरूआत भी मानी जाती है। तुंगनाथ दुनिया का सबसे ऊंचाई पर स्थित शिव मंदिर है। इसके आगे चंद्रशिला ट्रेक है, जोकि करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर है। आप यहां से सनराइज और सनसेट का नजारा देख सकते हैं।
बता दें कि चोपता की सबसे बड़ी पहचान यहां के हरे-भरे घास के मैदान हैं। इसको बुग्याल कहा जाता है अगर आप यहां आते हैं तो चरवाहे अपने भेड़ों के साथ नजर आएंगे। हरियाली, खुला आसमान और शांति यहां पर आपको जन्नत का एहसास कराएगी।
चोपता से हिमालय की कई खूबसूरत चोटियां साफ नजर आती हैं। यहाँ से आप नंदा देवी, नीलकंठ, त्रिशूल, गणेश पर्वत और नीलकंठ जैसी कई चोटियों के दर्शन कर सकती हैं। जब सुबह के समय धूप निकलती है, तो इन चोटियों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है।
अगर आप भी 'वाइल्ड लाइफ लवर्स' हैं, तो चोपता आपके लिए एकदम सही जगह है। आपको यहां पर तेंदुए देखने को मिलेंगे। वहीं गांव के कुत्तों के गले में खास तरह के कॉलर लगाए जाते हैं। जिससे कि उनकी सुरक्षा हो सके। बर्ड लवर्स के लिए भी चोपता सही है। यहां पर आपको 240 से अधिक पक्षी देखने को मिलेंगे।
चोपता जाने के लिए आप अप्रैल से लेकर जून और सितंबर से लेकर नवंबर का समय सबसे अच्छा माना जाता है। मानसून में यहां लैंडस्लाइड का खतरा होता है।