By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 03, 2022
मुंबई। महाराष्ट्र में 15 से 18 वर्ष के बच्चों का सोमवार से कोविड-19 रोधी टीकाकरण शुरू हो गया। इस दौरान पुणे में किशोरों को टीकाकरण के बाद फूल, कलम और मास्क भेंट किए गए। मुंबई महानगर निकाय ने भी बच्चों के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान शुरू किया। मुंबई में, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में एक ‘जंबो कोविड-19’ केन्द्र में एक छात्रा को टीके की पहली खुराक देने के साथ ही इस आयुवर्ग के लिए टीकाकरण की शुरुआत की गई।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भायखला के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल के अलावा, नौ ‘जंबो कोविड-19’ केन्द्रों पर बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। भायखला के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल में केवल रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को टीका लगाया जाएगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देश के अनुसार, इस आयुवर्ग के बच्चों को केवल कोविड-19 रोधी ‘कोवैक्सिन’ टीके की खुराक दी जाएगी। नगर निकाय ने कहा कि बीएमसी द्वारा संचालित स्कूलों के बच्चों के साथ-साथ अन्य स्कूलों के बच्चों को भी मुफ्त में टीके लगाए जाएंगे।
बीएमसी ने माता-पिता से अपने बच्चों को टीके लगवाने का आह्वान किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 16 जनवरी 2021 को वयस्कों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से शनिवार तक, मुंबई में कुल 1,80,04,281 लोगों को कोविड-19 रोधी टीकों की खुराक दी गई, जिनमें से 80,48,075 लोगों को दोनों खुराक दी जा चुकी है। शहर के नगर निकाय के मुख्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. सूर्यकांत देवकर ने बताया कि पुणे में, सोमवार को 40 केन्द्रों पर इस आयुवर्ग के बच्चों का टीकाकरण शुरू हुआ। पुणे के महापौर मुरलीधर मोहोल ने शहर के 40 केन्द्रों में से एक, दालवी अस्पताल में औपचारिक रूप से विशेष अभियान की शुरुआत की। देवकर ने कहा, ‘‘ टीका लगवाने के बाद बच्चों को गुलाब के फूल, कलम और मास्क दिए गए।’’
उन्होंने बताया कि माता-पिता अपने बच्चों के साथ टीकाकरण केन्द्र पहुंचे और किशोर काफी खुश एवं उत्साहित दिखाई दिए। प्रत्येक केन्द्र पर ‘कोवैक्सीन’ की 250 खुराक उपलब्ध है, जिनमें से आधी खुराकें ऑनलाइन पंजीकृत बच्चों को और बाकी बिना पंजीकरण कराए केन्द्र पहुंचने वाले बच्चों को दी जाएगी।
भारत के औषधि महानियंत्रक ने 24 दिसंबर को कुछ शर्तों के साथ 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए स्वदेशी रूप से विकसित भारत बायोटेक के कोविड-19 रोधी ‘कोवैक्सिन’ टीके के आपात स्थिति में उपयोग की स्वीकृति दे दी थी। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने रविवार को कहा था कि 15 से 18 साल आयु समूह के किशोरों के टीकाकरण के दौरान कोविड-19 रोधी टीकों में घालमेल से बचने के लिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को अलग-अलग टीकाकरण केन्द्र स्थापित करने सहित आवश्यक उपाय करने चाहिए।