By Ankit Jaiswal | Jan 16, 2026
देश के उभरते बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी के करियर पाथ को लेकर सवाल उठे हैं, जब पूर्व भारतीय क्रिकेटर डब्ल्यूवी रमन ने अंडर-19 क्रिकेट खेलने को लेकर अपनी असहमति जाहिर की है।
गौरतलब है कि यह चर्चा ऐसे समय में सामने आई है, जब आईसीसी अंडर-19 विश्व कप की शुरुआत हो चुकी है। मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया अपने खिताब की रक्षा में उतरा है, जबकि पांच बार की विजेता भारत एक बार फिर मजबूत दावेदार माना जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस भारतीय टीम में वैभव सूर्यवंशी को अहम भूमिका निभाने वाला खिलाड़ी माना जा रहा है।
महज 14 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी का सफर पारंपरिक नहीं रहा है। उन्होंने न सिर्फ भारत-ए टीम के लिए खेला है, बल्कि आईपीएल में भी अपनी प्रतिभा से सभी को चौंकाया है। बता दें कि उन्हें 13 वर्ष की उम्र में राजस्थान रॉयल ने चुना था और अपने पहले ही आईपीएल सीजन में उन्होंने 200 से अधिक स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए थे। इसी दौरान उनका रिकॉर्ड शतक क्रिकेट जगत में काफी चर्चा में रहा।
उम्र-समूह क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन असाधारण रहा है। अंडर-19 एशिया कप में उन्होंने यूएई के खिलाफ 171 रन बनाए और फिर दक्षिण अफ्रीका अंडर-19 के खिलाफ शतक जड़ा है। विश्व कप से पहले अभ्यास मैच में 96 रन की तेज पारी ने भी उनके आक्रामक खेल की झलक दिखाई है।
हालांकि चयनकर्ताओं का मानना है कि अंडर-19 स्तर पर खेलना सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे खिलाड़ियों को अनुशासन, नेतृत्व और दबाव में खेलने का अनुभव मिलता है। वहीं रमन की टिप्पणी ने यह बहस फिर से छेड़ दी है कि क्या असाधारण प्रतिभाओं के लिए पारंपरिक रास्ते से हटकर अलग विकास योजना बननी चाहिए।
जैसे-जैसे अंडर-19 विश्व कप आगे बढ़ेगा, वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन पर न सिर्फ नतीजों के लिहाज से नजर रहेगी, बल्कि इस बात पर भी कि भारतीय क्रिकेट भविष्य और वर्तमान के बीच संतुलन कैसे बनाता है।