By रेनू तिवारी | Aug 17, 2026
दिल्ली पुलिस के पास कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है। इसमें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के गायन में कथित रूप से बाधा डालने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत में पुलिस से मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने का आग्रह किया गया है। शिकायत में मांग की गई है कि पुलिस 'वंदे मातरम एक्ट' के लागू होने और उसकी कानूनी स्थिति का पता लगाए और दोनों कांग्रेस नेताओं के कथित व्यवहार की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करे।
बीजेपी ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए मांग की कि सोनिया गांधी देश से माफी मांगें। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि राष्ट्रगीत के पूरे संस्करण को गाने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई थी।
वकील कुणाल विनायक और शुभ शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इंदिरा भवन स्थित AICC मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह में मौजूद सोनिया गांधी ने ऐसे इशारे किए और लोगों से बातचीत की, जिससे ऐसा लगा कि उन्हें वंदे मातरम के गायन को जारी रखने पर आपत्ति है। शिकायत में एक कथित वीडियो फुटेज का भी ज़िक्र है, जिसमें आरोप है कि राष्ट्रगीत के गायन के दौरान राहुल गांधी ने कहा, "हम वंदे मातरम नहीं गा रहे हैं।"
शिकायत के अनुसार, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के कथित इशारों और व्यवहार के पीछे की असल प्रकृति, मंशा और मकसद की जांच सक्षम अधिकारी द्वारा की जानी चाहिए। शिकायतकर्ताओं ने 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' का हवाला दिया है। उनका कहना है कि इस विधेयक का मकसद राष्ट्रगान को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा को राष्ट्रगीत तक भी बढ़ाना है।
इसमें कहा गया है कि प्रस्तावित संशोधित धारा 3 के तहत, जो व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत गाने से रोकता है, या ऐसे गायन में लगे समूह में बाधा डालता है, उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। शिकायत में सुप्रीम कोर्ट के 2018 के एक फ़ैसले का भी ज़िक्र किया गया है। यह फ़ैसला उस क़ानूनी प्रावधान से जुड़ा है जिसके तहत जानबूझकर राष्ट्रगान गाने से रोकना या राष्ट्रगान गा रही सभा में बाधा डालना अपराध माना जाता है।
दिल्ली पुलिस ने शिकायत मिलने की बात मानी और कहा कि मामले की जाँच की जा रही है। इस घटना को लेकर सोनिया गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं के ख़िलाफ़ दो और शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं।
एक शिकायत ओडिशा में बीजेपी की युवा शाखा ने दर्ज कराई। बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडा ने कहा, "उन्होंने वंदे मातरम का अपमान करके और उसमें बाधा डालकर सज़ा-योग्य अपराध किया है।" एक और शिकायत बेंगलुरु में दर्ज कराई गई, जहाँ युवा मोर्चा ने इस मुद्दे पर बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय के पास विरोध प्रदर्शन भी किया।
युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक धीरज मुनिराजू ने माँग की कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी वंदे मातरम का कथित अपमान करने के लिए देश की जनता से माफ़ी माँगें। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक वे ऐसा नहीं करते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत 15 अगस्त को इंदिरा भवन स्थित एआईसीसी (AICC) मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान हुई।
सोनिया गांधी पर आरोप: शिकायत में कहा गया है कि सोनिया गांधी को राष्ट्रगीत के कुछ छंदों के गायन के दौरान आपत्ति जताते और इशारे करते देखा गया।
राहुल गांधी का कथित बयान: याचिकाकर्ताओं का दावा है कि सामने आए वीडियो फुटेज में राहुल गांधी को राष्ट्रगीत के दौरान यह कहते सुना गया—"हम वंदे मातरम नहीं गा रहे हैं।"
कांग्रेस का रुख: कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रगीत के पूरे संस्करण को रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई थी। पार्टी का तर्क है कि वंदे मातरम के बाद के छंदों में कुछ धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख है, जो सर्वधर्म समभाव के लिहाज से बहस का विषय रहे हैं।
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