By Ankit Jaiswal | Sep 13, 2026
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में रविवार को भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला शुरू होने से पहले एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार मुकाबले से पहले राष्ट्रगान से पहले भारत का राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् पूरे रूप में बजाया गया। इसके बाद भारत और अफगानिस्तान के राष्ट्रगान हुए। इस तरह क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय मंच पर वंदे मातरम् के सार्वजनिक रुप से पेश करने का एक नया अध्याय जुड़ गया।
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से कुछ महीने पहले जारी किए गए दिशा-निर्देशों के बाद सामने आया है। इन दिशा-निर्देशों में आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान वंदे मातरम् की शुरुआती छह कड़ियों के गायन या वादन की व्यवस्था बताई गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों एक ही कार्यक्रम में प्रस्तुत किए जाते हैं तो पहले वंदे मातरम् और उसके बाद जन गण मन बजाया जाएगा। राष्ट्रीय गीत की निर्धारित अवधि करीब 190 सेकंड रखी गई है।
दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जब राष्ट्रीय गीत या राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाए तो लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना चाहिए। हालांकि, गृह मंत्रालय की ओर से जिन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत को अनिवार्य किए जाने की बात कही गई थी, उनमें खेल प्रतियोगिताओं को स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया था। ऐसे में क्रिकेट मुकाबले से पहले इसको प्रस्तुत करना विशेष महत्व रखता है।
राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान की पूर्ण प्रस्तुति एक साथ 15 अगस्त 2026 को भी हुई थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपना संबोधन दिया था। हाल के महीनों में केंद्र सरकार की ओर से वंदे मातरम् को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
वहीं मुकाबले की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम की शुरुआत मिली-जुली रही है। भारत को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ पिछली श्रृंखलाओं में हार का सामना करना पड़ा था। आयरलैंड के खिलाफ भारत 0-2 और इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से पिछड़ा था।
इसके बाद भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए श्रृंखला में 3-0 से जीत दर्ज की। उस श्रृंखला में वैभव सूर्यवंशी ने 151 रन बनाकर सर्वाधिक प्रभावित किया और उन्हें श्रृंखला का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। हालांकि अफगानिस्तान के खिलाफ पहले मुकाबले में उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई और उन्होंने पारी की शुरुआत की।
इस पूरे घटनाक्रम में क्रिकेट और राष्ट्रीय प्रतीकों का यह मेल भारतीय खेल इतिहास के यादगार क्षणों में शामिल हो गया है।