By अभिनय आकाश | Dec 17, 2025
पूरी दुनिया एक ही तरह से समय के हिसाब से चलती है। लेकिन इथोपिया ने अपने पुराने कैलेंडर को आज भी थामे रखा है। सात साल पीछे चलने वाला समय और 13 महीने चलने वाला साल व हजारों सालों की परंपरा यही इस देश की सबसे बड़ी पहचान है। 15 सालों में पहली बार भारत के प्रधानमंत्री का इथोपिया का दौरा हुआ। इथोपिया की संसद में पीएम मोदी ने अपना संबोधन भी दिया। यह दुनिया की 18वीं संसद है जहां प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण दिया।
आपको बता दें कि इथोपिया केवल एक देश नहीं है बल्कि अफ्रीका के इतिहास की एक बड़ी पहचान है। कहा जाता है कि इथोपिया की स्थापना 980 बीसी यानी आज से करीब तीन हजार साल पहले हुई। इस देश की सबसे बड़ी बात ये रही कि जब दुनिया के कई हिस्सों में साम्राज्य बन रहे थे और टूट रहे थे। जब उपनिवेशवाद ने एशिया और अफ्रीका को जकड़ लिया। तब भी इथोपिया अपने आजादी के साथ खड़ा रहा।
समय और कैलेंडर की अनोखी परंपरा
इथियोपिया की सबसे अजीब और हैरान करने वाली बात उसका कैलेंडर है। इथियोपिया आज की दुनिया से लगभग सात साल पीछे चलता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब रोमन चर्च ने 525 ईस्वी में अपने पुराने कैलेंडर में बदलाव किए, तो इथियोपिया ने अपना प्राचीन कैलेंडर नहीं बदला। इसलिए, वे आज भी ग्रेगोरियन कैलेंडर से पीछे चल रहे हैं। एक दिलचस्प कहानी यह भी है कि इथियोपिया में साल भी 13 महीनों का होता है. आमतौर पर 12 महीने 30 दिनों के होते हैं और जो 13वां महीना होता है, वह सामान्य साल में 5 दिन का और लीप साल में 6 दिन का होता है।