By अभिनय आकाश | Jun 24, 2026
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने बुधवार को राज्य के बजट को "भविष्योन्मुखी बजट" बताया। उन्होंने कहा कि इसे राज्य की खूबियों, कमियों, मौकों और चुनौतियों का आकलन करने के साथ-साथ लोगों से किए गए वादों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। विधानसभा में बजट पर बोलते हुए मुख्यमंत्री सतीसन ने कहा कि यह पिछली UDF और LDF सरकारों द्वारा पेश किए गए पारंपरिक बजटों से अलग है। उन्होंने कहा कि बदलते समय और वैश्विक घटनाक्रमों के कारण नीति-निर्माण के लिए एक नए दृष्टिकोण की आवश्यकता थी। सतीसन ने विधानसभा में कहा कि यह पारंपरिक तरीके से पेश किया गया बजट नहीं है, और न ही यह पिछली UDF या LDF सरकारों द्वारा लाए गए बजटों जैसा है। समय बदल गया है, दुनिया बदल गई है, और हमने इस बजट को तैयार करने से पहले केरल की खूबियों, कमियों, मौकों और चुनौतियों का आकलन किया है। यह एक भविष्योन्मुखी बजट है। साथ ही, इसमें लोगों से किए गए हमारे वादे भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का फ़ोकस केरल को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और राज्य में बदलती सामाजिक और आर्थिक हकीकतों का सामना करने पर है।
उन्होंने कहा, "हमारे युवाओं का एक बड़ा हिस्सा राज्य और देश से बाहर जा रहा है, जबकि आबादी के दूसरे हिस्से बढ़ रहे हैं। इसलिए, हमें शिक्षा पर ध्यान देने, अच्छी क्वालिटी वाले हायर एजुकेशन संस्थान बनाने, मज़बूत यूनिवर्सिटीज़ बनाने और बेहतर नौकरियां पैदा करने की ज़रूरत है। नौकरियों का स्वरूप तेज़ी से बदल रहा है। इसीलिए विशेषज्ञों को हर सेक्टर का अध्ययन करने और इन बदलावों पर बारीकी से नज़र रखने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार लोगों पर अतिरिक्त टैक्स लगाकर रेवेन्यू बढ़ाने की कोशिश नहीं करेगी। सथीसन ने कहा, "हम अतिरिक्त टैक्स लगाकर खजाना नहीं भर रहे हैं। यह सरकार एक नया आर्थिक मॉडल अपना रही है। रेवेन्यू बढ़ाने के लिए हम लोगों पर ज़्यादा टैक्स का बोझ नहीं डालेंगे। इसके बजाय, हम बेहतर फाइनेंशियल मैनेजमेंट, लीकेज रोकने के लिए कड़े उपायों और कुशल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन के ज़रिए खजाने को मज़बूत करेंगे।
सरकार के नज़रिए पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर ध्यान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का मकसद राज्य की बदलती सामाजिक और आर्थिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए केरल को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा हमें भरोसा है कि इसे हासिल किया जा सकता है। अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देकर, आर्थिक गतिविधियां शुरू करके और पैसे का ज़्यादा सर्कुलेशन सुनिश्चित करके हम राज्य की आर्थिक स्थिति को मज़बूत करेंगे। हर सेक्टर में इस सरकार का यही नज़रिया है।