By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 30, 2026
धातु एवं खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लिमिटेड का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 71.8 प्रतिशत बढ़कर 5,473 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से धातु कीमतों में तेजी, रुपये की विनिमय दर में गिरावट और अधिक बिक्री के कारण कंपनी का लाभ बढ़ा है। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली कंपनी का 2025-26 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 3,185 करोड़ रुपये था।
कारोबार अलग करने (डीमर्जर) के बाद वेदांता के सभी कारोबार खंडों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। हमारे पूरे कारोबार में लगातार परिचालन प्रदर्शन हमारी परिसंपत्तियों की मजबूती तथा उत्पादन वृद्धि, लागत दक्षता और मूल्य सृजन पर निरंतर ध्यान का परिणाम है।’’ कंपनी ने बयान में कहा कि वित्तीय लागत सालाना आधार पर नौ प्रतिशत बढ़ी जबकि तिमाही आधार पर इसमें पांच प्रतिशत की कमी आई। इस बीच, निदेशक मंडल ने अरुण मिश्रा की कार्यकारी निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी है।
साथ ही उन्हें एक अगस्त, 2026 से एक वर्ष के लिए कंपनी का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) भी नामित किया है। यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगी। निदेशक मंडल ने मूल्य सृजन के उद्देश्य से कंपनी के रियल एस्टेट कारोबार को अलग करने को भी मंजूरी दी।