By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 12, 2021
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि वेद सुशासन के सिद्धांतों का खजाना हैं और इन सिद्धांतों को अपनाकर लोक कल्याणकारी राज्य की परिकल्पना को मूर्तरूप दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वेदों में निहित ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए वैदिक शिक्षा के संरक्षण तथा इसके अध्यापन के काम को और आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों के चिंतन तथा देश के पुरातन ज्ञान-विज्ञान के अमूल्य भंडार वैदिक शिक्षा तथा देव-वाणी संस्कृत के प्रसार में सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के शासनकाल में ही प्रदेश में आयुर्वेद एवं संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। अब सरकार वैदिक शिक्षा एवं संस्कार बोर्ड के काम को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि वैदिक साहित्य के क्षेत्र में शोध करने वाले विद्यार्थियों को राज्य सरकार प्रोत्साहन देगी। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से वैदिक ज्ञान का तेजी से प्रसार किया जा सकता है।