By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शनिवार को “कट्टरपंथी ताकतों” के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की और दावा किया कि इस साल अगस्त तक कथित हमलों में 254 हिंदू मारे गए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध संगठन ने मांग की कि हिंदुओं पर धार्मिक नफरत से प्रेरित हमलों से जुड़े मामलों को बिना देरी के त्वरित सुनवायी अदालतों में भेजा जाए और दोषी पाए जाने वालों को जल्द कड़ी सजा दी जाए। विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह भी मांग की कि धार्मिक नफरत से कथित तौर पर प्रेरित हिंसा या हत्या के मामलों में शामिल नाबालिगों पर वयस्कों के रूप में मुकदमा चलाया जाए।
उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति किसी भी देशभक्त भारतीय के लिए स्वीकार्य नहीं है।” हिंदुओं से सतर्क रहने का आग्रह करते हुए जैन ने दावा किया कि भारत में हिंदू कट्टरपंथी ताकतों के “प्राथमिक निशाने” पर हैं और लोगों को सावधानी बरतने तथा आत्मरक्षा के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने मदरसों को नियंत्रित करने के लिए भी कड़े कदम उठाने की मांग की और आरोप लगाया कि वे “धार्मिक कट्टरता और नफरत फैलाने के केंद्र” के रूप में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कई देशों ने मदरसों पर प्रतिबंध लगाया है और राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी हाल में उनके नियमन की जरूरत पर जोर दिया है।
जैन ने संवेदनशील इलाकों, मस्जिदों और मदरसों में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाने तथा उनकी निगरानी व्यवस्था को स्थानीय पुलिस थानों से जोड़ने की मांग की। उन्होंने उन संगठनों और नेताओं की गतिविधियों पर निगरानी रखने की भी मांग की, जो उनके अनुसार कट्टरपंथ को बढ़ावा देते हैं और उनकी कथित समाज-विरोधी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की। विहिप ने मुस्लिम समुदाय के “शांति-प्रिय नेतृत्व” से भी अपील की कि वह आतंकवादी और अलगाववादी साजिशों से इनकार करने या उन्हें छिपाने के बजाय उन्हें स्वीकार करे तथा आत्मचिंतन और आत्म-सुधार को बढ़ावा दे।
जैन ने कहा, “उन्हें अलगाववादी और कट्टरपंथी प्रवृत्तियों को छोड़कर शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।” उन्होंने कहा, “विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल इन परिस्थितियों के केवल मूकदर्शक बने नहीं रह सकते। हम हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक उपायों पर विचार कर रहे हैं।” विहिप ने इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट द्वारा विमान को कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त करने की हवा में कोशिश को नाकाम करने में “साहस और धैर्य” दिखाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भी सराहना की। फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी।
विमान में 174 लोग सवार थे और कॉकपिट में मच्छार पर उनके ओमानी सह-पायलट ने हमला किया था और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। बाद में विमान का मार्ग बदलकर सऊदी अरब के ताबुक ले जाया गया, जहां उसे सुरक्षित उतारा गया। इसे एक और “9/11 जैसी कट्टरपंथी साजिश और त्रासदी” करार देते हुए जैन ने कहा कि कट्टरपंथ मानवता के लिए चुनौती है।
उन्होंने कहा, “इससे प्रभावित वैश्विक समुदाय निश्चित रूप से चिंता व्यक्त करता है, लेकिन अब समय आ गया है कि पूरी दुनिया एकजुट होकर जमीन, समुद्र और आसमान में वैश्विक आतंकवाद की इस चुनौती को परास्त करने के लिए एक साझा रणनीति अपनाए।