Kanthapuram Musaliar के बयान पर VHP का Congress पर हमला: Secular नेताओं की चुप्पी पर उठाए सवाल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 04, 2026

 विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने वरिष्ठ इस्लामी विद्वान कंथापुरम ए. पी. अबूबकर मुसलियार की महिलाओं के खिलाफ कथित टिप्पणी की शुक्रवार को आलोचना करते हुए इसे ‘‘असंवैधानिक’’ और ‘‘निंदनीय’’ करार दिया तथा विपक्षी नेताओं और मुस्लिम संगठनों से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध संगठन ने कांग्रेस नीत केरलम सरकार और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) से भी मुसलियार की टिप्पणी पर संज्ञान लेने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा ‘‘धर्मनिरपेक्ष वर्ग’’ इन ‘‘महिला विरोधी तत्वों’’ के शिकंजे में बुरी तरह फंसा हुआ है। बंसल ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘केरलम के ग्रैंड मुफ्ती के महिलाओं के साथ विश्वासघात करने वाले असंवैधानिक और निंदनीय बयान पर पूरे धर्मनिरपेक्ष वर्ग के नेताओं की चुप्पी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वे भी इन महिला विरोधी तत्वों के शिकंजे में बुरी तरह फंसे हुए हैं।’’ बंसल ने जमीयत, देवबंद और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) समेत मुस्लिम संगठनों से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या मुसलियार के विचार इस्लाम के अनुरूप हैं।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या इस्लाम वास्तव में ऐसा ही है?’’ उन्होंने इस्लामी प्रथाओं के तहत ‘‘महिलाओं के साथ किए जाने वाले व्यवहार’’ पर भी सवाल उठाया। विहिप नेता ने ‘‘उलेमाओं, मौलानाओं, मुफ्तियों और इस्लामी संस्थानों’’ की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और पूछा कि वे ऐसे बयानों के खिलाफ बोलने से क्यों बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर मुसलियार और अन्य धर्मगुरुओं ने वास्तव में गलत या इस्लाम के खिलाफ बात की है तो उनकी गिरफ्तारी की मांग की जानी चाहिए।

बंसल ने कहा, ‘‘हम केरलम सरकार से ऐसे महिला विरोधी व्यक्ति को जेल भेजने का आग्रह करेंगे और राष्ट्रीय महिला आयोग को भी इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए।’’ वहीं, मुसलियार ने बृहस्पतिवार को महिलाओं के संबंध में अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वे उन लोगों में शामिल नहीं हैं जो महिलाओं को दफन करने या उन्हें घर में बंद रखने की बात करते हैं।

उन्होंने कहा कि कई महिलाओं को शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कंथापुरम ने कहा, ‘‘यह कहना सही नहीं है कि महिलाओं को दोयम दर्जा दिया गया है। हम ऐसे लोग नहीं हैं जो कहते हैं कि महिलाओं को दफन कर देना चाहिए। हर किसी को यह समझना चाहिए।

प्रमुख खबरें

नेपाल की अंधेरी सुरंग में 9 दिनों तक मौत से जंग... हरे कृष्ण जाप से बची जान, जन्माष्टमी पर मिला संजय साह को नया जीवन!

WhatsApp AI Feature: बिना मैसेज पढ़े ग्रुप चैट की कैसे मिलेगी Summary, समझें आसान Process

जिस पर किया भरोसा, वही निकली ट्रेटर! Krystal Dsouza-Rida Tharana ने ऐसे पलट दिया The Traitors 2 का पूरा गेम

CJP Protest Case In Delhi | पुलिस ने FIR में जोड़ा SC/ST एक्ट, इन्फ्लुएंसर Swantantra Bhardwaj की जल्द होगी गिरफ्तारी