Swati Maliwal assault case: विभव कुमार ने जमानत के लिए किया दिल्ली HC का रुख, 14 जून को हो सकती है सुनवाई

By अभिनय आकाश | Jun 12, 2024

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी विभव कुमार ने स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में नियमित जमानत के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया। मामला शुक्रवार 14 जून को सूचीबद्ध होने की संभावना है। इससे पहले 7 जून को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उन्हें इस मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया था। केजरीवाल के पूर्व पीए द्वारा दायर की गई यह दूसरी जमानत याचिका थी। इससे पहले 27 मई को उन्होंने अपनी पहली याचिका दायर की थी जिसे दिल्ली की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खारिज कर दिया था। कुमार को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था और 1 जून को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

13 मई को हुई यह कथित घटना तब सामने आई जब मालीवाल ने कथित तौर पर सीएम आवास से पीसीआर कॉल कर अपने साथ मारपीट का आरोप लगाया। बाद में उन्होंने कुछ दिनों बाद एक पुलिस शिकायत दर्ज की जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार ने उन्हें दिल्ली के सीएम आवास पर सात से आठ बार थप्पड़ मारा, 'सीने, पेट और श्रोणि क्षेत्र पर लात मारी', जब वह सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए वहां गई थीं। जो लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अंतरिम जमानत पर बाहर थे। मामला दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने सीएम आवास से डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) समेत अन्य दस्तावेज जब्त कर फॉरेंसिक लैब भेज दिया है. इसके अलावा, कुमार को 13 मई की सुबह हुई घटनाओं के क्रम के बारे में विवरण जानने के लिए केजरीवाल के आवास के ड्राइंग रूम में भी ले जाया गया, जहां उन्होंने कथित तौर पर मालीवाल के साथ मारपीट की थी।

इसे भी पढ़ें: Swati Maliwal assault case: केजरीवाल के PA बिभव कुमार की मुश्किलें बढ़ीं, सबूत मिटाने की धारा जोड़ी गई

मामले की जांच एसआईटी कर रही है

इस बीच मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया गया. उत्तरी दिल्ली की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अंजिता चेप्याला के नेतृत्व वाली एसआईटी जांच संभाल रही है। इसमें तीन इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी, सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन के अधिकारी भी शामिल हैं।

प्रमुख खबरें

पंजाब चुनाव की रणनीति: Pargat Singh ने KC Venugopal से की अहम बैठक

Congress Chief Mallikarjun Kharge ने तमिलनाडु में तीन नई कमेटियों को दी मंजूरी

मतदान का अधिकार छीनना संविधान के मूल ढांचे पर हमला: Justice Ujjal Bhuyan

Sheikh Hasina प्रत्यर्पण: बांग्लादेश बोला, कानूनी प्रक्रिया के साथ राजनीतिक मंशा भी जरूरी