उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का पहला बयान: 'राष्ट्रवादी विचारधारा की ऐतिहासिक जीत हुई'

By अंकित सिंह | Sep 10, 2025

मंगलवार को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद, सीपी राधाकृष्णन ने अपनी जीत को एक सशक्त वैचारिक बयान के रूप में प्रस्तुत करने में ज़रा भी देर नहीं लगाई। मीडिया को दिए अपने पहले संबोधन में, नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि यह चुनाव विचारधाराओं की लड़ाई थी और मतदान के रुझान से पता चलता है कि राष्ट्रवादी विचारधारा कुल मिलाकर विजयी हुई है। राधाकृष्णन की निर्णायक जीत, जिसमें उन्हें विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के 300 के मुकाबले 452 वोट मिले, उनके जनादेश के दावे को स्पष्ट संख्यात्मक समर्थन प्रदान करती है। 

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नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही महत्वपूर्ण होते हैं। ये एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। लोकतंत्र के हित को ध्यान में रखा जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हर पद महत्वपूर्ण है और हर पद की अपनी सीमाएं होती हैं। हमको यह समझना होगा कि हमें इसी दायरे में काम करना है। यह जीत राधाकृष्णन के लंबे राजनीतिक जीवन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी है, जिसकी जड़ें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा में गहराई से जुड़ी हैं। कोयंबटूर से दो बार सांसद और तमिलनाडु में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, उन्होंने लगातार राष्ट्रवादी एजेंडे को आगे बढ़ाया है। अपने चुनाव से पहले, उन्होंने महाराष्ट्र और झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।

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