By अभिनय आकाश | Jun 29, 2022
राज्यस्थान की बर्बर घटना कि देश में चारो ओर निंदा हो रही है। एक तरफ मृतक कन्हैया लाल की चिता जल रही है वहीं उनके दोनों बेटे ये गुहार लगा रहे हैं कि जिस तरह से नाइंसाफी हुई है और वक्त रहते कार्रवाई नहीं की गई है। इस पर सख्त से सख्त एक्शन लेकर लिया जाए। इंडिया टुडे से एक्सक्लूसिव बात करते हुए पीड़ित कन्हैया लाल के बेटों और तरुण ने कहा कि उनके पिता को नियमित रूप से धमकी भरे फोन आते थे। यश ने पुलिस को भी इसके बारे में बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि हालांकि, पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद फिर कहा गया था कि समझौता कर लेंगे। समझौते की बात के लिए पापा और उनके कुछ दोस्त धानमंडी थाने में गए थे। फिर केस वापस ले लिया गया। फिर कहा गया था कि अब कुछ नहीं होगा। लेकिन दो तीन दिन बाद किसी ने दुकान पर आकर धमकी दी। कहा गया था कि आप बचोगे नहीं। उसके पांच से छह दिन बाद ये वारदात को अंजाम दिया गया। हमारी पिताजी को मार दिया गया। मेरे पिताजी रोज की तरह सुबह 10 बजे अपने टेलर शॉप के लिए निकले थे। लेकिन उसके बाद उनके मौत की खबर आई।
कन्हैया लाल के बेटों ने कहा कि जिस तरह की धमकी आ रही थी उसके मद्देनजर हमने भी एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सेल्फ डिफेंस में कि ऐसा कुछ होता है तो हमें भी सुरक्षा मिले, एक दो दिन मिला भी लेकिन उसके बाद फिर लापहवाही से हटा दिया गया। उनके तरफ से थोड़ी सुरक्षा और मिलती तो शायद मेरे पिता बच जाते। इसलिए पुलिस की भी गलती है।