By रेनू तिवारी | Jul 13, 2026
'हनीमून कोच' के हालिया विवाद के बाद अब सोशल मीडिया पर चलती ट्रेन में पूजा-अर्चना का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक पुजारी को ट्रेन के कोच के फर्श पर बैठकर बकायदा धार्मिक अनुष्ठान और अभिषेक करते हुए देखा जा सकता है, जबकि उनके साथ कई अन्य भक्त (जो सफेद कपड़ों में हैं) पूजा में शामिल नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को लेकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई, जिसके बाद अब नॉर्दर्न रेलवे (उत्तरी रेलवे) को इस मामले पर आधिकारिक सफाई जारी करनी पड़ी है।
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा को लेकर सवाल उठने लगे, नॉर्दर्न रेलवे ने स्थिति स्पष्ट की। रेलवे ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान किसी आम यात्री कोच (जनरल या स्लीपर) में नहीं, बल्कि निजी तौर पर बुक किए गए एक 'सैलून कोच' (Saloon Coach) के भीतर किया जा रहा था।
रेलवे द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इस सैलून कोच को 8 जुलाई को आईआरसीटीसी (IRCTC) के माध्यम से कमर्शियल तौर पर बुक किया गया था। इसके लिए बुकिंग करने वाली पार्टी ने 3,08,580 रुपये का एडवांस पेमेंट (अग्रिम भुगतान) किया था। इस विशेष कोच को 10 जुलाई को नई दिल्ली (NDLS) से मुंबई (BDTS) तक की एकतरफा यात्रा के लिए ट्रेन नंबर 12926 पश्चिम एक्सप्रेस के साथ जोड़ा गया था।
सुरक्षा और समय की पाबंदी से कोई समझौता नहीं: रेलवे
नॉर्दर्न रेलवे ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि उन्होंने ऑपरेशनल व्यवहार्यता (operational feasibility) को देखने के बाद ही 10 जुलाई को इस सैलून कोच के संचालन की अनुमति दी थी। रेलवे ने कहा, "समय की पाबंदी, सुरक्षा और आम यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने की मुख्य जिम्मेदारी बिना किसी समझौते के रेलवे की होती है। इस घटना में किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ और न ही कोई घायल हुआ। वीडियो में जो पुजारी अभिषेक करते दिख रहे हैं, वे पार्टी द्वारा निजी तौर पर बुक किए गए सैलून कोच के अंदर ही पूजा कर रहे थे।"
सोशल मीडिया पर थमीं अटकलें, पर चर्चा जारी
रेलवे के इस त्वरित स्पष्टीकरण ने उन सभी अटकलों और चिंताओं को शांत कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि इस धार्मिक आयोजन से ट्रेन के सामान्य संचालन में बाधा आई या साथी यात्रियों को असुविधा हुई। चूंकि यह कोच पूरी तरह से उसी समूह के लिए आरक्षित था, इसलिए आम जनता को इससे कोई परेशानी नहीं हुई।
इसके बावजूद, वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कई यूजर्स इस बात को लेकर हैरानी जता रहे हैं कि भारतीय रेलवे में इस तरह के आयोजनों के लिए पूरा सैलून कोच निजी तौर पर बुक किया जा सकता है, जबकि कुछ यूजर्स ने रेलवे की इस सफाई को सही और महत्वपूर्ण बताया है। बहरहाल, यह क्लिप अब भारतीय ट्रेनों के उन अनोखे और असामान्य पलों की सूची में शामिल हो गई है, जो अक्सर इंटरनेट पर सुर्खियां बटोरते हैं।