By अभिनय आकाश | Jul 04, 2023
फ्रांस में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 1 साल के किशोर की पुलिस कार्रवाई में मौत के बाद से गृह युद्ध जैसा माहौल बना हुआ है। देशभर में दंगों से निपटने के लिए 45 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को सड़कों पर उतारा गया है। फ्रांस में चल रहे दंगों के बीच देश में प्रवासियों के आयात के खिलाफ चेतावनी देने वाला इस्लामिक धर्मगुरु मोहम्मद ताहिदी का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। 9 सितंबर, 2022 को एक साक्षात्कार में इमाम ने इस बारे में बात की कि कैसे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) मुस्लिम देशों में काम नहीं कर सकती है, लेकिन यूके, यूएस, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में स्वतंत्र रूप से काम कर सकती है। उग्रवाद, इस्लामवाद और राजनीतिक इस्लाम से मुकाबले पर बोलते हुए तौहीदी ने कहा कि आतंकवाद को दो तरह से अंजाम दिया जा रहा है। पहला, यह मुस्लिम दुनिया के भीतर किया जाता है और दूसरा, मुस्लिम दुनिया के बाहर किया जाता है।
उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) का उदाहरण देते हुए कहा कि वे टोरंटो में स्वतंत्र रूप से अपना झंडा लहरा सकते हैं। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि कोई भी यह नहीं कहता कि उनकी विचारधारा "लोगों का खून और कत्लेआम" के बारे में है। फ्रांस में हो रही हिंसा को लेकर मौलाना ताहिदी ने कहा कि पुलिस की बर्बरता की हमेशा निंदा की जानी चाहिए और उसे रोका जाना चाहिए लेकिन आप इसे दंगों और देश को जलाने से हासिल नहीं कर सकते।