By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 31, 2026
... अमनप्रीत सिंह ... चेन्नई, 31 अक्टूबर चेन्नई ओपन की मेजबानी गंवाने के बाद भारतीय टेनिस को नयी दिशा देने के लिए तमिलनाडु टेनिस संघ (टीएनटीए) जनवरी-फरवरी 2028 में देश में तीन से चार डब्ल्यूटीए 125 टूर्नामेंट आयोजित कराने की तैयारी कर रहा है। डब्ल्यूटीए 250 चेन्नई ओपन का इस साल आखिरी सत्र होगा। भारत से इस टूर्नामेंट की मेजबानी छिनकर फिलीपींस को मिलने के बाद भारतीय टेनिस के दिग्गज विजय अमृतराज ने पीटीआई को यह जानकारी दी।
फिलीपींस की इला महिला रैंकिंग में शीर्ष 20 खिलाड़ियों में शामिल हैं। विंबलडन में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद वह अपने देश में टेनिस की सुपरस्टार बन गई हैं। अमृतराज ने पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘‘हम 2027 के लिए फिलहाल डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंट के बारे में नहीं सोच रहे हैं, लेकिन डब्ल्यूटीए 125 और 125 प्लस एच श्रेणी के कुछ और टूर्नामेंट आयोजित कराने की दिशा में हमारी तैयारी अच्छी चल रही है।
हम जनवरी-फरवरी 2028 में तीन या चार टूर्नामेंट कराने की उम्मीद कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों, खासकर महिला खिलाड़ियों को एक बड़े टूर्नामेंट पर निर्भर रहने के बजाय लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने का अवसर देना है। अमृतराज ने कहा, ‘‘ इससे वैष्णवी, सहजा और अन्य भारतीय लड़कियों को लगातार कई टूर्नामेंट खेलने का मौका मिलेगा। उन्हें सिर्फ एक डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मैं उम्मीद करता हूं कि जनवरी-फरवरी 2028 के लिए यह योजना अमल में ला सकूंगा।’’ अमृतराज का मानना है कि डब्ल्यूटीए 125 टूर्नामेंटों की श्रृंखला भारतीय खिलाड़ियों को रैंकिंग अंक जुटाने और पेशेवर टेनिस में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर दे सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप अच्छा खेलने में सक्षम हैं तो डब्ल्यूटीए 250 टूर्नामेंट में दो मैच जीतने पर निश्चित रूप से ज्यादा अंक मिलते हैं। लेकिन सबसे पहले आपको मुख्य ड्रॉ में जगह बनानी होती है, जिसके लिए वाइल्ड कार्ड जैसी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है।’’ अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के आगामी चुनावों पर अमृतराज ने कहा कि नए नेतृत्व की प्राथमिकता देशभर के खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना और खेल के अवसरों को कुछ चुनिंदा राज्यों तक सीमित नहीं रहने देना होना चाहिए।
उन्होंने घरेलू टूर्नामेंटों का कैलेंडर बढ़ाने और जूनियर से सीनियर स्तर तक खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने के वास्ते राज्य संघों और क्षेत्रीय इकाइयों के बीच सहयोग पर जोर दिया। अमृतराज ने कहा, ‘‘ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देशभर के खिलाड़ियों के हितों के लिए काम किया जाए। हर राज्य कुछ करना चाहता है और उसे इसके लिए मदद की जरूरत है।
मेरा मानना है कि यह सामूहिक प्रयास होना चाहिए, जिसमें सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।’’