CAA के खिलाफ प्रस्ताव पर बोले विजयन, विधानसभा के होते हैं अपने विशेषाधिकार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 01, 2020

तिरुवनंतपुरम। विवादास्पद संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ केरल विधानसभा द्वारा एक प्रस्ताव पारित किए जाने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुधवार को इस बारे में भाजपा की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि राज्य विधानसभा के अपने विशेषाधिकार होते हैं। सीएए को निरस्त करने की मांग करते हुए मंगलवार को विधानसभा में प्रस्ताव पारित होने के कुछ घंटे बाद कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने वाम सरकार पर निशाना साधा और कहा कि विजयन को ‘‘बेहतर कानूनी सलाह’’ लेनी चाहिए।

प्रसाद ने कहा था कि नागरिकता के संबंध में कानून पारित करने की शक्ति केवल संसद के पास है न कि विधानसभा के पास। भाजपा के राज्यसभा सदस्य जी वी एल नरसिम्ह राव ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को पत्र लिखकर केरल के मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और अवमानना कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया। विशेषाधिकार हनन के बारे में पूछने पर विजयन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज्य विधानसभाओं के अपने विशेषाधिकार होते हैं। ऐसे कदम के बारे में कहीं भी सुनने को नहीं मिला है, लेकिन हम मौजूदा परिस्थिति में किसी भी चीज से इनकार नहीं कर सकते क्योंकि आजकल देश में अप्रत्याशित चीजें हो रही है।’’

इसे भी पढ़ें: CAA पर पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है विपक्ष: गिरिराज सिंह

उन्होंने कहा कि विधानसभाओं के पास अपना विशेष संरक्षण है और इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने वाला पहला राज्य है। यह कानून संविधान के मौलिक सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान द्वारा सीएए का समर्थन करने के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखने का हक है। इसलिए उनके नजरिए को ऐसे ही देखना चाहिए।

प्रमुख खबरें

उदयनिधि स्टालिन ने TVK पर चुनावी वादे न निभाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया

Rajeev Chandrasekhar का राहुल गांधी पर हमला, पीएम मोदी और चुनाव आयोग से माफी की मांग की

LPU Phagwara: सोशल मीडिया पर दुष्कर्म की अफवाह के बाद छात्रों का उग्र प्रदर्शन

Mumbai में विसर्जन शोभायात्रा के दौरान 107.8 डेसीबल पहुंचा ध्वनि स्तर, Awaaz Foundation ने उठाए सवाल