जम्मू कश्मीर में बैंगनी क्रांति को मिला रहा बढ़ावा, लैवेंडर की खेती से किसानों को हो रहा बड़ा फायदा

By अंकित सिंह | Jun 16, 2022

जम्मू कश्मीर में लैवेंडर की खेती खूब लोकप्रिय है। लैवेंडर की खेती से किसानों को भी फायदा हो रहा है। उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है। घाटी में बैगनी क्रांति को बढ़ावा देने के लिए लैवेंडर की खेती को और विस्तार करने का योजना बनाई जा रही है। ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि जम्मू कश्मीर में केंद्र सरकार के प्रयासों से 2010 में लैवेंडर की खेती की शुरुआत की गई थी जिसके बाद किसानों का रुझान इस ओर बढ़ा था। अब जम्मू कश्मीर प्रशासन कश्मीर में इसकी खेती के तहत लगभग 500 हेक्टेयर जमीन लाने पर विचार कर रहा है। लैवेंडर खुशबूदार होने के साथ-साथ कई तरह से उपयोग में लाया जाता है। 

इसे भी पढ़ें: Jammu Kashmir: बैंक मैनेजर की हत्या का सुरक्षा बलों ने लिया बदला, शोपियां में दो आतंकियों को मार गिराया

कश्मीर के भद्रवाह को भारत की वैज्ञानिक क्रांति का जन्म स्थान भी कहा जाता है। गौरतलब है कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे देशों में भी लैवेंडर फेस्टिवल का आयोजन होता रहा है। प्रभासाक्षी से बात करते हुए सेरहमा लैवेंडर फार्म में काम करने वाले लैवेंडर किसान निसार अहमद ने कहा कि मैं यहां अपने सहयोगियों के साथ काम करता हूं, हम सर्दियों में लैवेंडर उगाते हैं, और जून महीने में इसकी कटाई शुरू करते हैं, हम श्रीनगर में फसल लेते हैं जहां वे तेल का उत्पादन करते हैं। इसका उपयोग औषधीय प्रयोजनों, साबुन और इत्र के लिए किया जाता है। एक अन्य माली सबज़ार अहमद ने प्रभाक्षी से कहा, "सेरहमा के खेत में 8 हेक्टेयर में लैवेंडर की खेती होती है। दक्षिण कश्मीर के सेरहमा में लैवेंडर फ्रैम, स्थानीय लोग और कश्मीर के लोग आनंद लेने और तस्वीरें लेने आते हैं।

प्रमुख खबरें

Pakistan में सेना बनाम सरकार, Mohsin Naqvi के बयान से शहबाज शरीफ कैबिनेट में हलचल

Ukraine पर Russia का भीषण हवाई हमला, कीव समेत कई इलाकों में 12 नागरिकों की मौत और 40 घायल

जांच करेंगे और फिर...चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर CJI करेंगे समीक्षा, मुख्य न्यायाधीश को बाहर रखने से जुड़ी क्यूरेटिव याचिका

Bhuvneshwar Kumar की चार साल बाद भारतीय T20I टीम में वापसी, Suresh Raina ने जताई खुशी