By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 09, 2023
हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित चिंतपूर्णी मंदिर में पांच लोगों का समूह 1,100 रुपये का भुगतान कर ‘वीआईपी दर्शन’ कर सकता है। राज्य का यह पहला मंदिर है जिसमें इस तरह की सुविधा की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इस सुविधा का लाभ लेने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन की अपनी बारी के लिए कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, प्रशासन द्वारा तय वीआईपी, 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, ‘सुगम दर्शन प्रणाली’ के तहत पांच लोगों के समूह को 1,100 रुपये में एक पास जारी किया जाएगा और श्रद्धालुओं को निर्बाध दर्शन करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि एक दिन में कुल 500 लोगों को ये पास जारी किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि चौथी श्रेणी मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और प्रशासन द्वारा तय वीआईपी की होगी जिनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और इस श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए बाबा मैदास सदन में प्रतीक्षा कक्ष बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं के बैठने के लिए मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर व्यवस्था की गई है और उन्हें मंदिर न्यास द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक वाहन से मंदिर तक लाया जाएगा और दर्शन के बाद वापस छोड़ा जाएगा। मंदिर परिसर में ‘हवन’ के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है। इस बीच, राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को बयान जारी कर इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ठाकुर ने कहा कि ‘मां के दर्शन’ के लिए शुल्क रखना गलत है और सरकार को इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह का कदम देवभूमि हिमाचल प्रदेश की परंपरा के खिलाफ है और ऐसी वीआईपी संस्कृति को खत्म किया जाना चाहिए। सरकार श्रद्धालुओं में भेदभाव नहीं कर सकती।