Virat Kohli ने खोला अपने कमबैक का राज, बताया कैसे Rahul Dravid ने मुश्किलों से निकाला

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 20, 2026

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने स्वीकार किया है कि भारत की कप्तानी छोड़ने के बाद वह मानसिक रूप से कठिन और परेशान करने वाले दौर से गुजर रहे थे, लेकिन उन्होंने पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर का आभार व्यक्त किया, जिनकी मदद से उन्हें फिर से क्रिकेट का आनंद लेने में सहायता मिली। कोहली ने 2022 में कप्तानी छोड़ी थी और उसी वर्ष टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा था। उन्होंने छह टेस्ट मैच में सिर्फ एक अर्धशतक की मदद से 265 रन बनाए थे। इस दौरान उनका औसत 26.5 रहा था।

उन्होंने ‘आरसीबी इनोवेशन लैब’ के ‘इंडियन स्पोर्ट्स समिट’ के तीसरे सत्र के दौरान कहा, “उन्होंने (द्रविड़ और राठौर) मेरा इस तरह ख्याल रखा कि मुझे लगा कि मैं उनके लिए खेलना चाहता हूं। मैं प्रदर्शन करना चाहता हूं। मैं मैदान पर उतरकर जी-जान से मेहनत करना चाहता हूं। वे बहुत ही मददगार थे। उन्होंने मुझे एहसास दिलाया कि मैंने अब तक क्या हासिल किया है।” भारत के इस पूर्व कप्तान ने कहा कि द्रविड़ और राठौर उनके मन की अंदरूनी परेशानियों को समझते थे और उन्हें उनसे उबरने का रास्ता दिखाया।

उन्होंने कहा, “राहुल भाई ने टेस्ट क्रिकेट में कई लोगों से कहीं बेहतर तरीके से यह काम किया है। विक्रम कई सालों से मेरे साथ हैं, इसलिए वे मेरी भावनाओं को समझते थे और मेरी स्थिति का एहसास था। उन्होंने मानसिक रूप से मेरा बहुत ख्याल रखा।” उन्होंने कहा, “इससे मुझे ऐसी स्थिति मिली जहां मैं फिर से क्रिकेट का आनंद ले सका। लेकिन जब मैं पूरी तरह से व्यस्त था, तब मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं चाहता हूं कि कोई मुझसे पूछे। मैं सब कुछ संभालने में काफी सक्षम था।” द्रविड़ की कोचिंग में कोहली ने 2023 में शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ टेस्ट मैचों में 671 रन बनाए, जिसमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल रहे। उनका औसत 56 रहा, जो उनकी वापसी का स्पष्ट संकेत था।

कोहली ने यह भी माना कि कप्तानी के दौरान वे धीरे-धीरे अपने भीतर की ऊर्जा खोते चले गए, जिसका उन्हें तब एहसास नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “मैं ऐसी स्थिति में पहुंच गया जहां मैं हमारी बल्लेबाजी इकाई और कप्तानी का केंद्र बिंदु बन गया। मुझे इस बात का एहसास नहीं था कि ये दोनों चीजें मेरे दैनिक जीवन में कितना भार डालेंगी, क्योंकि मैं भारतीय क्रिकेट को शीर्ष पर बनाए रखने के लिए इतना दृढ़ संकल्पित और प्रेरित था।” कोहली ने स्वीकार किया, “जब मैंने कप्तानी छोड़ी, तब तक मैं पूरी तरह थक चुका था। यह जिम्मेदारी मुझे भीतर तक खा गई थी। यह बेहद कठिन और थकाने वाला अनुभव था, और अपेक्षाओं का बोझ संभालना लगातार मुश्किल होता गया।

प्रमुख खबरें

FIFA World Cup | France vs Morocco | Highlights | फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में मारी एंट्री, एम्बाप्पे ने की मेसी की बराबरी

Ayatollah Ali Khamenei Life Story | अयातुल्ला अली खामेनेई सुपुर्द-ए-खाक, 37 साल तक किया शासन, एक मदरसे के छात्र से ईरान के सर्वोच्च नेता बनने तक का सफर

Monsoon Heavy Rainfall | देश के कई राज्यों में मानसून का कहर, बारिश से जुड़ी घटनाओं में 10 से अधिक लोगों की मौत

World Cup के बीच Barcelona में बड़ी हलचल, Lamine Yamal के बयान से Transfer Market में मची खलबली