विराट की निडर कप्तानी और खिलाड़ियों के प्रति भरोसा टीम को शिखर पर पहुंचा रहा

By दीपक मिश्रा | Oct 15, 2019

सफेद जर्सी में टीम इंडिया के जीत का विजयरथ लगातार आगे बढ़ रहा है। कप्तान कोहली के नेतृत्व में क्या विदेश और क्या स्वदेश हर तरफ जीत ही जीत नजर आ रही है। क्योंकि ये वाला कप्तान निडर है। ये वाला कप्तान सिर्फ जीत और जीत के लिए ही खेलता है। टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में जीत हासिल करने के साथ इस सीरीज पर भी कब्जा कर लिया है। इस जीत के साथ भारत और विराट दोनों ने बड़े से बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। जहां भारतीय ने घरेलू सरजमीं पर लगातार 11 टेस्ट सीरीज जीतने का रिकार्ड बनाया। वहीं विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को सबसे ज्यादा टेस्ट सीरीज में जीत दिलाई। विराट ने सबसे ज्यादा टेस्ट सीरीज जीत के मामले में महेंद्र सिंह धोनी को भी पीछे छोड़ दिया। धोनी ने भारत को 12 बार टेस्ट सीरीज जिताई थी। लेकिन अब विराट कोहली ने भारत को 13 बार टेस्ट सीरीज जिताने का कारनामा कर दिया है।

इसके साथ ही विराट ने भारत के लिए अब 50 टेस्ट मैचों में कप्तानी कर ली है। विराट अपने 50 टेस्ट मैच में से 30 टेस्ट जीत चुके है। वह 50 टेस्ट मैच में कप्तानी कर ज्यादा हासिल करने के मामले में स्टीव वॉ और पोन्टिंग से पीछे रहे है। स्टीव वॉ ने जहां कप्तान के तौर पर 50 टेस्ट मैच में 37 जीते थे वहीं पॉन्टिंग ने 35 जीते थे।

साफ है कप्तान के तौर पर विराट हर दिन भारत के लिए सफलता के नए आयाम लिख रहे है। कप्तान के तौर पर कोहली का अंदाज बेहद अलग है और वह हमेशा जीत के लिए जाते है। उनकी यही बात उन्हें सबसे ज्यादा खास बनाती है। विराट ने पुणे टेस्ट में जीत के बाद मैच प्रेजेन्टेशन में कहा था कि यह काफी अच्छा है। लेकिन अगर टेस्ट चैंपियनशिप के नजरिये से देखें तो हर एक मैच महत्तवपूर्ण है। हम तीसरे टेस्ट में कोई भी कमी नहीं छोड़ेंगे और 3-0 से सीरीज का नतीजा निकालेंगे। क्योंकि हम जानते है कि वर्ल्ड चैंपियनशिप के हिसाब से यह अंक काफी अहम है चाहे आप घर में या फिर विदेश में खेल रहे हो। इसलिए कोई भी किसी भी स्टेज पर आराम नहीं करने वाला है।

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देखा आपने विराट सीरीज जीत से ही खुश नहीं है। वह तो इस सीरीज को 3-0 से क्लीन स्वीप करना चाहते हैं। विराट की यही सोच और जीत के लिए जज्बा उन्हें खास बनाता है। अपनी कप्तानी में विराट हर वो चीज कर रहे हैं जो टीम के लिए जरूरी है। विराट इस टीम के सभी खिलाड़ियों को भली भांति समझते है। साथ ही उन्हें अपने खिलाड़ियों पर विश्वास है कि वो उन्हें मैच जिताने का दम रखते हैं। पुणे टेस्ट में जीत के बाद विराट ने कहा कि जब हमने टीम के रूप में शुरुआत की थी तब हमारी रैंकिंग सात थी, लेकिन कड़ी मेहनत करने के बाद हमने ये मुकाम हासिल किया। हमारे पास पिछले कुछ वर्षों से खिलाड़ियों का शानदार समूह है और ये खुद में सुधार के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। ये टीम के हित में है। 

जाहिर है विराट की इस माइंडसेट वाली कप्तानी उन्हें सबसे अलग बनाती है। पूर्व भारतीय खिलाड़ी गौतम गंभीर भी मानते है कि कप्तानी में विराट की सफलता का राज उनका एग्रेसिव और जीत के लिए जाने वाला माइंडसेट है। गंभीर ने विराट की कप्तानी को लेकर कहा है कि विराट का निडर एटिट्यूड और माइंडसेट ऐसा है, जो टेस्ट क्रिकेट में जीत के लिए खेलता है, वो चाहे भारतीय धरती हो या फिर विदेशी धरती। विराट के अंदर डर नहीं है और इसी वजह से वो इतने सफल कप्तान हैं। अगर आप हारने से डरेंगे तो आप कभी जीत नहीं सकते हैं और मुझे लगता है विराट के अंदर ये सबसे बड़ा प्लस प्वॉइंट है। वो हार से डरता नहीं है।

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ये विराट की कप्तानी का कमाल है कि टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका जैसी टीम के खिलाफ अब तक की अपनी सबसे बड़ी टेस्ट जीत दर्ज की है। इसके साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भी भारतीय 4 मैचों में 4 जीत के साथ 200 अंक लेकर नंबर एक पर है। जिसके साथ ही विराट रांची वाले टेस्ट मैच को जीत इस अंक को और ज्यादा ऊपर ले जाना चाहते है। 

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