By अभिनय आकाश | Feb 14, 2022
उत्तर प्रदेश की 55 सीटों और उत्तराखंड की 70 सीटों पर वोटिंग का आगाज हो गया है। एक तरफ जहां आज उत्तराखंड के 70 विधानसभा सीटों के लिए 632 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला शाम को मतदान की समाप्ति के साथ ही ईवीएम में कैद हो जाएगा वहीं देश की सियासत के लिहाज से सबसे अहम प्रदेश यूपी में दूसरे चरण की वोटिंग में कई दिग्गजों के भाग्य का फैसला भी होगा। एक तरफ जहां योगी सरकार में मंत्री सुरेश खन्ना, गुलाबो देवी और बलदेव सिंह औलख चुनाव मैदान में हैं। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान, पूर्व मंत्री धर्मपाल सिंह सैनी, कमाल अख्तर और महबूब अली जैसे कद्दावर नेता हैं। गोवा की 40 विधानसभा सीटों पर आज वोटिंग हो रही है। बता दें कि यूपी में सात चरणों में मतदान है और उत्तराखंड व गोवा में एक चरण में ही सभी सीटों के लिए वोटिंग है।
दूसरे चरण की 55 विधान सभा सीटें-बेहट, नकुड़, सहारनपुर नगर, सहारनपुर, देवबंद, रामपुर, मनिहारन सु., गंगोह, नजीबाबाद, नगीना सु., बढ़ापुर, धामपुर, नेहटौर सु., बिजनौर, चांदपुर, नूरपुर, कांठ, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद ग्रामीण, मुरादाबाद नगर, कुदंरकी, बिलारी, चंदौसी सु., असमौली, सम्भल, स्वार, चमरउवा, नौगंवा सादात, अमरोहा, हसनपुर, गुन्नौर, बिसौली, सहसवान, बिल्सी, बदायूं, शेखुपुर, दातागंज, बहेड़ी, मीरागंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर सु., बिठारी चैनपुर, बरेली, बरेली कैण्ट, आंवला, कटरा, जलालाबाद, तिलहर, पुवायां सु., शाहजहांपुर और ददरौल हैं जिनपर वोटिंग हो रही है। इनमें से ये मुस्लिम बहुल जिले हैं- सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, अमरोहा, बदायूं, बरेली और शाहजहांपुर। इस चरण 586 कैंडिडेट मैदान में हैं। इन इलाकों को सपा का गढ़ माना जाता है।
उत्तराखंड के 13 जिलों की 70 विधानसभा सीटों पर वोटिंग
उत्तराखंड में कुल 13 जिले हैं. सबसे ज्यादा विधानसभा सीट हरिद्वार में है। अल्मोड़ा में 6, बागेश्वर में 2, चमोली में 3, चंपावत में 2, देहरादून में 10, हरिद्वार में 11, नैनीताल में 6 , पौड़ी गढ़वाल में 6, पिथौरागढ़ में 4, रुद्रप्रयाग में 2, टिहरी गढ़वाल में 6, उधम सिंह नगर में 9 और उत्तरकाशी में 3 विधानसभा सीटें हैं जिनपर वोटिंग हो रही है।
गोवा के 301 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला
गोवा विधानसभा की 40 सीटों पर 301 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आज हो रहा है। कांग्रेस और गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने चुनाव लड़ने के लिए महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के साथ गठजोड़ किया है।