By Ankit Jaiswal | Apr 09, 2026
देश के कई अहम राज्यों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। केरल, असम और पुडुचेरी में गुरुवार शाम 6 बजे मतदान खत्म हुआ, हालांकि जो मतदाता उस समय तक मतदान केंद्रों पर मौजूद थे, उन्हें टोकन देकर वोट डालने की अनुमति दी गई।
बता दें कि असम में भी मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और यहां करीब 84.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जो पिछले चुनाव के मुकाबले अधिक है। यह बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत इस बार मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
गौरतलब है कि त्रिपुरा के धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में भी करीब 79.84 प्रतिशत मतदान हुआ है। अधिकारियों के अनुसार मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह से ही मतदाता केंद्रों पर पहुंचने लगे थे।
मौजूद जानकारी के अनुसार खराब मौसम के बावजूद मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। कई स्थानों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की जागरूकता को दिखाता है।
वहीं, पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मतदाता सूची से लाखों नाम हटाकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले को अदालत में ले जाएगी और हटाए गए नामों को फिर से जोड़ने की मांग करेगी।
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी राज्य में बदलाव का संकेत है। उन्होंने अपने संबोधन में चैतन्य महाप्रभु का उल्लेख करते हुए लोगों से समर्थन की अपील की।
इन राज्यों में हुए मतदान के नतीजे आने वाले दिनों में राजनीतिक दिशा तय करेंगे। फिलहाल मतदान शांतिपूर्ण रहने और भारी भागीदारी को लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।