By कमलेश पांडे | Oct 25, 2025
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने अगस्त 2025 से 17 अक्टूबर 2025 तक एक खास ऑफर शुरू किया था, जिसमें लैप्स हो चुकी पॉलिसी बिना किसी अतिरिक्त चार्ज या भारी लेट फीस के फिर से शुरू (रिवाइव) की गई। यदि आप इसका फायदा उठाने से चुक गए हैं तो अगले मौके का इंतजार कीजिए। शायद अगली दीवाली 2026 से पहले पुनः आपको कोई मौका मिल सकता है।
उल्लेखनीय है कि सभी नॉन-लिंक्ड व्यक्तिगत पॉलिसियां जिनका प्रीमियम भुगतान अवधि अभी चल रही थी और पॉलिसी मैच्योर नहीं हुई थी, वे रिवाइव की जा सकती थीं। बता दें कि पॉलिसी की पहली बार प्रीमियम बकाया होने की तारीख से लेकर पाँच साल तक रिवाइव की जा सकती थी। बताया गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान विलंब शुल्क (लेट फीस) की छूट स्लैब के अनुसार मिली—यानी कि ₹1,00,000 तक के पेंडिंग प्रीमियम पर अधिकतम ₹3,000, ₹3,00,000 तक ₹4,000 और उससे ज्यादा पर ₹5,000 तक की छूट मिली थी।
यह बात दीगर है कि रिवाइवल के लिए मेडिकल अथवा अन्य हेल्थ जांच संबंधी शर्तों में कोई छूट नहीं दी गयी थी। यानी यह आगे भी नहीं मिलेगी। सवाल है कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए लोगों ने आवेदन कैसे किए? तो जवाब होगा कि लोगों ने अपनी नजदीकी एलआईसी शाखा या एजेंट से संपर्क किया। तत्पश्चात सभी पेंडिंग प्रीमियम और रिवाइवल फॉर्म के साथ आवेदन किया। हां, इतना याद जरूर रखें कि विलंब शुल्क में छूट मिलने का लाभ केवल उपर्युक्त अवधि में ही मिली थी।
फिर पूरक सवाल है कि आखिर किसे मिला होगा इसका लाभ? तो जवाब होगा कि वे पॉलिसीधारक जिनकी पॉलिसी लैप्स हो चुकी थी और प्रीमियम पेमेंट पीरियड अभी खत्म नहीं हुआ था या पॉलिसी मैच्योर नहीं हुई थी। बताया गया है कि इसके तहत माइक्रो इंश्योरेंस और नॉन-लिंक्ड व्यक्तिगत बीमा पॉलिसीधारकों को छूट दी गई थी।
यह बात आपको मालूम होना चाहिए कि यह स्कीम असीमित समय के लिए नहीं थी, इसलिए अगर आपकी पॉलिसी लैप्स हो गई थी, तो 17 अक्टूबर 2025 से पहले ही आवेदन करना था और अपने बीमा सुरक्षा को फिर से चालू करना था। गौरतलब है कि इस रिवाइवल कैंपेन के अंतर्गत निम्नलिखित पॉलिसियाँ ही पात्र थीं। इसकी पात्रता की शर्तें भी तय थीं यानी केवल वे पॉलिसियाँ जिनका प्रीमियम पेमेंट टर्म अभी चल रहा था और पॉलिसी मैच्योर नहीं हुई थी, यानी लैप्स पॉलिसियाँ जो प्रीमियम देने की अवधि में हैं, पुनर्जीवित की जा सकती थीं।
बताया गया है कि पॉलिसी में पहली बार प्रीमियम बकाया होने की तारीख से लेकर अधिकतम 5 साल तक रिवाइवल किया जा सकता था। यह ऑफर “इंडिविजुअल नॉन-लिंक्ड” यानी व्यक्तिगत, गैर-यूनिट लिंक्ड प्लानों पर लागू है। वहीं, माइक्रो इंश्योरेंस पॉलिसियाँ भी 100% लेट फीस छूट के साथ शामिल थी। हालांकि, आपको यह भी पता होना चाहिए कि अपात्र पॉलिसियाँ कौन-सी थीं? तो यह जान लीजिए कि वे पॉलिसियाँ जो पूरी तरह मैच्योर हो चुकी हैं या प्रीमियम पेमेंट अवधि खत्म हो चुकी है, रिवाइवल के लिए पात्र नहीं थीं। जबकि यूलिप/लिंक्ड पॉलिसियाँ या ग्रुप इंश्योरेंस प्लान्स कैंपेन में शामिल नहीं थीं।
वहीं, चिकित्सा/हेल्थ जांच संबंधी शर्तें भी तय थीं, यानी मेडिकल व हेल्थ चेकअप की सामान्य शर्तें पूर्ववत लागू थीं और इनमें कोई छूट नहीं दी गई थी। निष्कर्षतया, उपर्युक्त लिखित टर्म के भीतर लैप्स हुई व्यक्तिगत नॉन-लिंक्ड और माइक्रो इंश्योरेंस पॉलिसियाँ, जिनका प्रीमियम पेमेंट पीरियड चल रहा हो और मैच्योर न हुई हों, यह रिवाइवल ऑफर में पात्र थीं। इसलिए अब अगले मौके का इंतजार कीजिए। उसे मत चुकियेगा।
- कमलेश पांडेय
वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार