By रितिका कमठान | Apr 02, 2025
वक्फ बिल पर महाभारत छिड़ी हुई है। सरकार बुधवार दो अप्रैल को संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने जा रही है। इस विधेयक को पेश करने के साथ ही संसद में सरकार और विपक्ष को अग्निपरीक्षा भी देनी होगी।
इसी बीच केंद्र सरकार को अपने सहयोगियों जैसे जदयू-टीडीपी जैसे एनडीए के साथी दलों का साथ मिला है। ये दल पहले अन्य मुद्दों पर अलग रुख रख चुके हैं मगर वक्फ बिल पर सरकार का समर्थन कर रहे है। बता दें कि वक्फ संशोधन बिल 2024 वक्फ अधिनियम 1995 में बदलाव करने वाला विधेयक है। इसे केंद्र सरकार लोकसभा में पेश करने वाली है। इस बिल पर चर्चा कर इसे पास कराने की कोशिश की जाएगी। इस बिल का उद्देश्य है कि वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन, पारदर्शिता और इसका दुरुपयोग रोका जाए।
इस वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम महिला सदस्यों को शामिल किया गया है। कलेक्टर को संपत्ति सर्वे करने का अधिकार दिया गया है। वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी। वहीं इस बिल में सरकार द्वारा किए गए बदलावों को विपक्ष और मुस्लिम संगठन धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला करार दे रहे है।
ये दल हैं खिलाफ
इस बिल के खिलाफ कांग्रेस की अगुवाई वाले दल है। इस बिल के विरोध में विपक्ष बैठक बुला चुका है। विपक्ष का कहना है कि इस बिल के विरोध में ही लोकसभा में वोटिंग होगी। विरोध करने वाले दलों में कांग्रेस, राजद, टीएमसी, डीएमके, AIMIM, सपा, और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड शामिल है।