By अंकित सिंह | Aug 03, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सोमवार दोपहर को शुरू होगी। उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य हमले की योजना को टाल दिया है, जिससे हफ़्तों से बढ़ते तनाव के बावजूद कूटनीति की दिशा में नई पहल का संकेत मिलता है। रविवार को न्यू जर्सी से वॉशिंगटन लौटते समय 'एयर फ़ोर्स वन' में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करने के लिए तैयार था, लेकिन क्षेत्रीय सहयोगियों की अपील के बाद इसे रोकने का फ़ैसला किया गया, क्योंकि उन्हें लगा कि कूटनीतिक समाधान निकल सकता है।
जब पूछा गया कि क्या ईरान के पास समझौता करने के लिए कोई समय-सीमा है, तो ट्रंप ने कहा कि वे और टकराव के बजाय बातचीत से समाधान निकालना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं समझौता करना ज़्यादा पसंद करूँगा। मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता क्योंकि लोग मरते हैं, बहुत से लोग मरते हैं, और हम ऐसा नहीं चाहते। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि दूसरा विकल्प यानी मिलिट्री ऑपरेशन "उनके लिए विनाशकारी होता" और कहा कि सऊदी अरब ने कूटनीति का समर्थन किया क्योंकि उसका मानना था कि समझौता जल्द ही होने वाला है।
ये बातें शनिवार को 'ट्रुथ सोशल' पर किए गए एक पोस्ट के बाद सामने आईं, जिसमें ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना "पूरी तरह तैयार" थी, लेकिन ईरान और मध्य पूर्व के कई देशों के समझौते को अंतिम रूप देने के लिए और समय मांगने पर उन्होंने कार्रवाई टालने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत और पूरी तरह से फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी।