By अंकित सिंह | Mar 10, 2025
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि हाल ही में संपन्न महाकुंभ मेले से जुड़े प्रयागराज के निकट सात स्थानों पर गंगा जल की गुणवत्ता मेले के दौरान स्नान के लिए सभी मानकों को पूरा करती है। यादव लोकसभा में सपा सांसद आनंद भदौरिया और केरल से कांग्रेस सांसद के. सुधाकरन द्वारा मेले के दौरान पानी की गुणवत्ता पर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।
एनजीटी ने निर्देश दिया था कि, “महाकुंभ 2025 के दौरान प्राथमिक जल गुणवत्ता मानदंडों को पूरा करने के लिए गंगा और यमुना नदी की जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी लगातार अंतराल पर आवश्यक है”। यादव ने बताया कि सीपीसीबी ने एनजीटी के समक्ष 3 फरवरी को अपनी प्रारंभिक निगरानी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें 12 से 26 जनवरी के दौरान एकत्र नदी जल गुणवत्ता के आंकड़ों की रिपोर्ट की गई, जिसमें प्रयागराज में स्थापित दस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और सात जियोसिंथेटिक डिवाटरिंग ट्यूब (जियो-ट्यूब) फिल्टरेशन के निगरानी डेटा शामिल हैं।
इसके अलावा, सीपीसीबी ने जल गुणवत्ता डेटा की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 21 फरवरी से तीन और जल गुणवत्ता निगरानी स्थानों को जोड़ा और निगरानी आवृत्ति को बढ़ाकर प्रतिदिन दो बार कर दिया, इस प्रकार जल गुणवत्ता निगरानी स्थानों की कुल संख्या 10 हो गई। उन्होंने कहा कि दिनांक 23.12.2024 के आदेश के अनुपालन में माननीय एनजीटी के समक्ष दिनांक 28.02.2025 को एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। उक्त रिपोर्ट के अनुसार, सभी निगरानी स्थानों के लिए पीएच, घुलित ऑक्सीजन (डीओ), बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) और फेकल कोलीफॉर्म (एफसी) का औसत मूल्य स्नान के पानी के लिए संबंधित मानदंड/अनुमेय सीमा के भीतर था।