वेटर नहीं PLA की कमांडर, बीजिंग में एलन मस्क की जासूसी करा रहे थे जिनपिंग?

By अभिनय आकाश | May 25, 2026

14 मई 2026 बीजिंग चीन बीजिंग में आयोजित राजकीय भोज के लिए दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क खाने की टेबल पर बैठे थे। अजीबो-गरीब चेहरा बना रहे थे। कभी हंस रहे थे तो कभी आंखों से इस तरह का रिएक्शन दे रहे थे। उस वक्त मस्क का यह वीडियो दुनिया भर में वायरल हुआ था। लेकिन इस वीडियो में एक चीज गौर करने वाली थी। लाल कपड़ों में यह महिला वेटर जिसे चीन ने मस्क की आओ भगत के लिए लगाया था। लेकिन अब इसी महिला को लेकर सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मस्क के पास चीन की एजेंट घूम रही थी। यह वेटर नहीं पीएलए की कमांडर है। मस्क की जासूसी करवा रहे थे। दावा किया जा रहा है कि यह महिला वेटर नहीं थी बल्कि एक जासूस थी जिससे एलन मस्क को खाना खिलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस महिला वेटर के अलग-अलग वीडियो अब सामने आ रहे हैं। जहां अमेरिका के बड़े-बड़े उद्योगपति बैठे थे। खाना खा रहे थे। वहीं यह महिला अपने एक साथी के साथ बात करते हुए दिखाई देती है। 

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इतना ही नहीं चंग की वर्दी पर लगे तमंगे भी आप देख सकते हैं। जेनफर के मुताबिक चंग चेंग चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलएम में एक प्रमुख चेहरा है। उनका जन्म दिसंबर 1986 में शडोंग प्रांत के वेईफांग में हुआ था। 2004 में जब चेंग 18 साल की हो गई थी तब वह चीन की सेना में शामिल हुई थी। शुरू में वह कम्युनिकेशन सोल्जर के रूप में काम करती थी। बाद में उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई की। 2008 में उन्हें 60वें राष्ट्रीय दिवस परेड के लिए चुना गया था। 2012 में उन्हें पीएलए ऑनर गार्ड सेरेमोनियल ब्रिगेड में शामिल किया गया था। 2014 से वह महिला यूनिट की कमांडर रहीं। उन्होंने 2015 की विश्व युद्ध विजय परेड और कई महत्वपूर्ण राज्य समारोह में नेतृत्व किया। 2018 में चेग लगातार दो बार नेशनल पीपल्स कांग्रेस की सदस्य भी चुनी जा चुकी हैं। 

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यानी साफ है कि चीन ने एलन मस्क की जासूसी के लिए बहुत शातिर, अनुभवी, प्रशिक्षित और खूबसूरत महिला कमांडर को लगाया था। डिनर हॉल में वह वेटर बनी हुई थी ताकि किसी को उन पर शक ना हो। हालांकि चीन ने इन आरोपों पर कुछ नहीं कहा है लेकिन वीडियो सामने आने के बाद चीन की मंशा पर शक और गहरा जाता है। 15 मई को जब चीन का दौरा खत्म होने के बाद अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल ट्रंप के साथ वापस लौट रहा था तब अमेरिकी डेलीगेशन ने चीन से मिले सभी गिफ्ट, बैज, फोन और दूसरे सामान ट्रंप के विमान एयरफोर्स वन में चढ़ने से पहले ही डस्टबिन में फेंक दिए थे। यह कदम साइबर जासूसी और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के डर की वजह से उठाया गया था। दावा है कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसीज ने साफ निर्देश दिया था कि चीन की तरफ से मिला कोई भी सामान राष्ट्रपति के विमान में नहीं ले जाया जाएगा। दरअसल अमेरिका और चीन एक दूसरे के कट्टर दुश्मन है। एक दूसरे को अपना प्रतिद्वंदी मानते हैं।

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