हम किसी से भेदभाव नहीं करते, सामूहिक धर्मांतरण पर बहस जरूरी: राजनाथ

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 16, 2019

नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को एक ईसाई संगठन के कार्यक्रम में कहा कि ‘‘हम जीतें या हारें, हम लोगों के बीच भेदभाव नहीं करेंगे’’। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में सामूहिक धर्मांतरण रुकना चाहिए। सिंह ने कहा कि वह किसी भी धर्म के अनुसरण की आजादी का समर्थन करते हैं लेकिन उनकी राय है कि सामूहिक धर्मांतरण किसी भी देश के लिए चिंता की बात है और इसलिए इस विषय पर बहस जरूरी है। उन्होंने कहा कि जहां तक सरकार की बात है तो किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। राष्ट्रीय ईसाई महासंघ द्वारा आयोजित समारोह में गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने कभी अपने जीवन में जाति, वर्ण और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया है। हमें वोट मिलें या नहीं मिलें। हम सरकार बनाएं या नहीं बनाएं। हम जीतें या हारें। लेकिन हम लोगों के बीच भेदभाव नहीं करेंगे। यही हमारे प्रधानमंत्री का कहना है।’’ 

यह भी पढ़ें: मिशन 272+ : देशभर में पत्रकार वार्ता करेंगे केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता

उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के बीच डर की भावना भरने की कोशिशें हो रही हैं। कहा जा रहा है कि ‘‘भाजपा आ गई। अब गड़बड़ होगा। ये होगा, वो होगा। हम डर की भावना भरकर देश नहीं चलाना चाहते। हम विश्वास के साथ देश चलाना चाहते हैं। किसी के अंदर अलगाव की भावना नहीं होनी चाहिए। यही हमारी कोशिश रहेगी।’’ उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजग सरकार को बदनाम करने की कोशिशें हो रही हैं। सिंह ने कहा, ‘‘हाल ही में चर्चों पर पत्थर फेंके गये। कुछ पादरी मेरे पास आये और सुरक्षा मांगी। मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि इसमें शामिल सभी लोगों को दंडित किया जाएगा। मैंने उन्हें सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया। लेकिन विधानसभा चुनावों से एक महीने पहले पथराव शुरू हुआ और इसके एक महीने बाद रुक गया। इस पर आप क्या कहेंगे। यह किसकी साजिश है?’’

प्रमुख खबरें

मोदी के फैसले के साथ 5 कांग्रेसी सांसद? UPI पर चिदंबरम ने राहुल को फंसाया?

Japan को 8 विकेट से रौंदकर Asian Games के Semifinal में पहुंचा भारत, Bangladesh से होगी भिड़ंत

US में Sikh ट्रक ड्राइवर पर जानलेवा हमला, Wyoming में 17 बार चाकू घोंपने का आरोपी गिरफ्तार

Delhi: Anand Vihar रेस्तरां में युवक से जबरन भारी बिल भरवाने के आरोप में दो गिरफ्तार