By अभिनय आकाश | Apr 28, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम लागू होने के बावजूद तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। हालात ऐसे हैं कि दोनों देशों के बीच अब सीधी सैन्य टकराव के बजाय तीखी जुबानी जंग तेज हो चली है। जिसने पूरे मिडिल ईस्ट खासतौर पर खाली देशों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा घटनाक्रम में डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद ईरान ने भी आक्रमक रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाला नहीं है। ईरान के उपराष्ट्रपति इस्माइल साघाव एस फाहानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखा संदेश जारी करते हुए खाली देशों को सीधी-सीधी धमकी दे डाली है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका या उसके सहयोगियों द्वारा ईरान के तेल कुओं या बुनियादी ढांचे पर नुकसान पहुंचाया गया तो उसका जवाब कई गुना ज्यादा ताकत से दिया जाएगा। हमारा गणित अलग है। एक तेल कुआ = चार तेल कुएं। इस बयान ने यह संकेत दे दिया है कि ईरान अब केवल बचाव की नहीं बल्कि आक्रामक जवाबी कारवाई की रणनीति पर काम कर रहा है।
कुल मिलाकर भले ही युद्ध विराम कागजों पर लागू हो लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि तनाव चरम पर बना हुआ है। ईरान ने साफ संदेश दिया है कि जो भी देश अमेरिका का साथ देगा वह उसका दुश्मन माना जाएगा। ऐसे में खाली क्षेत्र में अस्थिरता और बड़े संघर्ष की आशंका फिर से गहराती हुई नजर आ रही है। [संगीत] धुआंधार और सस्ती ईरानी मिसाइलें जिन्हें बड़े ही प्यार से सोशल मीडिया पर लोग मछली, सांप और न जाने कौन-कौन से नामों से बुलाते हैं। अब उसे लेकर बड़ा कबूलनामा आया है जिसने दुनिया भर को हैरान करके रख दिया है। क्योंकि जिस हथियार को कई लोग हल्के में ले रहे थे वही अब एक बड़े देश की सबसे बड़ी कमजोरी बनता हुआ नजर आ रहा है। एज अ रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ है कि ईरान के मिसाइल ताकत ने इजराइल की रक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है और यह कोई सामान्य दावा नहीं बल्कि इजराइल के ही रक्षा तंत्र से जुड़े अधिकारियों के हवाले से सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि इजराइल के पास इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी हो चुकी है। यानी जितनी तेजी से ईरान मिसाइलें बना रहा है, उतनी तेजी से इजराइल उन्हें रोक नहीं पा रहा। दावा यह भी है कि जहां इजराइल एक इंटरसेप्टर तैयार करता है, वहीं ईरान करीब 10 बैलस्टिक मिसाइलें बना देता है।