By अभिनय आकाश | Jul 23, 2026
खाड़ी की जंग अब किसी भी पल एक विनाशकारी और विकराल रूप अख्तियार कर सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बारूदी जंग अब सीधे दोनों देशों के बुनियादी ढांचों को तबाह करने की धमकी तक पहुंच गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बेहद सख्त और खुली चेतावनी जारी की। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर लिखा अब से जब भी ईरान होर्मुज जल डमरू मध्य में किसी भी जहाज पर मिसाइल रॉकेट या ड्रोन से हमला करेगा तो अमेरिकी सेना उसके बदले में ईरान के अंदर स्थित एक पुल या बिजली घर यानी पावर प्लांट पर बम गिराकर उसे पूरी तरीके से नष्ट कर देगी। ट्रंप की ओर से आम लोगों के इस्तेमाल वाले बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की यह ताजा धमकी ऐसे वक्त में आई जब उनके द्वारा शुरू किया गया यह युद्ध बिना किसी अंत के लगातार बढ़ता जा रहा। डोनाल्ड ट्रंप के इस बारूदी धमकी के कुछ ही घंटों बाद ईरान की तरफ से बहुत बड़ा पलटवार और आक्रामक तीखा जवाब आया।
अमेरिका में होने वाली मध्यावधि चुनाव के ठीक पहले तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने लगातार 12वीं रात भी ईरान के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ अटैक किए। दूसरी तरफ लाल सागर में ईरान के सहयोगी यमन के हूं विद्रोहियों ने भी अपनी नाकेबंदी को और सख्त कर दिया। खबर है कि हूतियों ने सऊदी अरब के तट के पास दो बड़े तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करके खाड़ी के इस वैकल्पिक रास्ते को दहला दिया। अमेरिका और ईरान के बीच की यह जुबानी और बारूदी जंग अब उस मुहाने पर आकर खड़ी हुई है जहां से पीछे हटना दोनों में से किसी एक के लिए भी मुमकिन नहीं है। अगर ट्रंप की धमकी के बाद अमेरिका ने ईरान के किसी पावर प्लांट को छुआ तो ईरान का आंख के बदले वाला आंख संकल्प पूरे खाड़ी क्षेत्र को राख के ढेर में तब्दील कर सकता है। जिसका सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पे पड़ सकता है। फिलहाल यह लड़ाई रुकने का नाम तो नहीं ले रही और ना ही ऐसा लग रहा है कि भविष्य में कोई समाधान निकल सकता है। क्योंकि यह लड़ाई अब बाबल मंदेव यानी हूतियों के इलाकों तक पहुंच चुकी है। हूतियों ने साफ तौर पर हर एक देशों को चेतावनी दी है कि अगर वह किसी भी तरीके से उनके नाकेबंदी का उल्लंघन सऊदी के लिए करते हैं तो फिर उन पर अटैक हो सकता है। खासतौर पर सऊदी से जाने वाला कोई जहाज खाड़ी में चल रहा महायुद्ध पूरी तरीके से बेकाबू हो चुका है।