By रेनू तिवारी | Mar 12, 2026
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ती जंग की आग अब पड़ोसी देशों को भी अपनी चपेट में लेने लगी है। ओमान के सलालाह पोर्ट (Salalah Port) पर हुए एक बड़े ड्रोन हमले ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी ड्रोन्स ने यहाँ स्थित तेल भंडारण टैंकों (Oil Storage Tanks) को निशाना बनाया, जिसके बाद पूरे इलाके में तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। हमले की पुष्टि सबसे पहले ओमान टीवी ने की। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और दृश्यों में देखा जा सकता है कि ड्रोन के टकराते ही ऊर्जा संयंत्रों में भीषण विस्फोट हुए। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म 'एम्ब्रे (Ambrey)' ने भी पुष्टि की है कि हमले में प्रमुख बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है।
हमले के बाद, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद ने ईरानी प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन से कॉन्टैक्ट किया और ओमानी इलाके में हो रहे हमलों पर गंभीर चिंता जताई। सुल्तान ने चल रहे झगड़े में ओमान के न्यूट्रल रुख को दोहराया और इस बात पर ज़ोर दिया कि देश अपनी सिक्योरिटी और स्टेबिलिटी को बनाए रखने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएगा। द टाइम्स ऑफ़ इज़राइल के मुताबिक, ये हमले सुल्तान के मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनने पर बधाई देने के तुरंत बाद हुए।
तेहरान और वाशिंगटन के बीच बीच-बचाव करने की ओमान की बार-बार की कोशिशों के बावजूद, बढ़ता झगड़ा डिप्लोमैटिक कोशिशों पर भारी पड़ता दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट के पास तीन कमर्शियल जहाजों पर भी हमला किया गया -- जो दुनिया के सबसे ज़रूरी समुद्री ट्रेड रूट में से एक है। ताज़ा डेवलपमेंट से पता चलता है कि यह टकराव तेज़ी से ईरानी बॉर्डर से आगे बढ़कर पड़ोसी खाड़ी देशों में फैल रहा है।