By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 29, 2026
पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य की नयी औद्योगिक नीति को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य प्रोत्साहन, त्वरित स्वीकृति और भूमि आवंटन के नियमों में बदलाव के जरिए नया निवेश आकर्षित करना है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पांच नवंबर को राज्य सचिवालय नबान्न से औद्योगिक नीति के विवरण की औपचारिक घोषणा करेंगे। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘धनतेरस, दिवाली और काली पूजा नजदीक हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने यह भी फैसला किया है कि भविष्य में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के माध्यम से नियुक्त होने वाले शिक्षकों को सीधे राजनीति में हिस्सा लेने या चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रतिबंध केवल भविष्य में नियुक्त होने वाले शिक्षकों पर लागू होगा, और पहले से सेवा में कार्यरत शिक्षक, जिनमें पंचायतों और नगरपालिकाओं में निर्वाचित पदों पर रहने वाले शिक्षक भी शामिल हैं, इसके दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘देश के किसी अन्य राज्य में शिक्षक सीधे राजनीति में शामिल नहीं होते हैं।
बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के उदाहरणों को देखते हुए हमने फैसला किया है कि पश्चिम बंगाल में भी शिक्षकों को अब सीधे राजनीति में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। आने वाले दिनों में एसएससी के माध्यम से नियुक्त होने वाले शिक्षक पंचायत, नगरपालिका, विधानसभा या लोकसभा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे और न ही सीधे राजनीति में शामिल हो सकेंगे।’’