By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 16, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने पश्चिम बंगाल में संगठन के एक स्वयंसेवक शेख अब्दुल हफीज के पिता जनाब मफीक की पिटाई के बाद मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की रविवार को तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। कॉजपा के अनुसार, 25 वर्षीय हफीज कॉजपा के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत एक सरकारी स्कूल गए थे, जिसकी वजह से उनके परिवार के सदस्यों पर कथित रूप से हमला किया गया था। कॉजपा ने एक बयान में कहा कि मफीक की शनिवार को मौत हो गई और कथित रूप से किये गये हमले में उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
कॉजपा ने आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के रूप में पहचाने गए हथियारबंद लोग उसी शाम जबरन हफीज के घर में घुस गए। बयान के अनुसार, अस्पताल से बनाए गए एक वीडियो में हफीज ने आरोप लगाया कि एक स्कूल शिक्षक ने राजनीतिक कार्यकर्ताओं को उनके स्कूल के निरीक्षण के बारे में जानकारी दी थी, जिसके बाद यह हमला हुआ। कॉजपा ने कहा कि कथित हमलावरों ने हफीज से एक वीडियो रिकॉर्ड कर स्कूल की स्थिति उजागर करने के लिए माफी मांगने और यह कहने को कहा कि उसने ऐसा बाहरी प्रभाव में आकर किया था।
बयान में बताया गया, “जब हफीज ने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो आरोप है कि उन लोगों ने उनके परिवार पर हमला कर दिया।” बयान के अनुसार, हफीज की गर्दन में गंभीर चोट आई, जबकि उनके पिता के सिर में किसी भारी वस्तु से गंभीर चोट लगी। कॉजपा ने कहा कि हमले के बाद हफीज ने अस्पताल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उन्होंने अपनी चोटों को दिखाया। कॉजपा ने बताया कि हफीज के पिता ने बाद में 15 अगस्त को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
कॉजपा के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने कहा, “हमें न तो चुप कराया जा सकता है और न ही डराया जा सकता है। हम बेहतर विद्यालयों के लिए लड़ते रहेंगे। कॉजपा हफीज और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
हम उनके पिता की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं। हमारी टीम पश्चिम बंगाल जाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि अब्दुल और उनके परिवार को न्याय मिले।” दीपके ने सरकारी विद्यालयों की स्थिति को सामने लाने और विद्यालयों के बुनियादी ढांचे व शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत नागरिकों को सरकारी विद्यालय जाने, उनकी स्थिति का जायजा लेने और कमियों को सार्वजनिक रूप से सामने लाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।