By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 23, 2021
नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के आठवें चरण में 35 सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रहे 283 प्रत्याशियों में से 23 प्रतिशत ने उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी है। इस जानकारी को एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने प्रत्याशियों द्वारा नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे के विश्लेषण के आधार पर संकलित किया है। इन 35 सीटों पर 29 अप्रैल को आठवें एवं अंतिम चरण में मतदान होगा। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘कुल 283 प्रत्याशियों द्वारा दाखिल हलफनामे का विश्लेषण किया गया जिनमें से 64 ने (23 प्रतिशत) उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी है जबकि 50 प्रत्याशियों (18 प्रतिशत) के खिलाफ गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। प्रमुख पार्टियों में माकपा के 10 में से सात (70 प्रतिशत) ने, तृणमूल कांग्रेस के 35 में से 11 प्रत्याशियों (31 प्रतिशत), भाजपा के 35 में से 21 प्रत्याशियों (60 प्रतिशत) और कांग्रेस के 19 में से 10 प्रत्याशियों (53 प्रतशित) ने उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की घोषणा की है।
वहीं भाजपा के 35 प्रत्याशियों में 12 (34 प्रतिशत) करोड़पति है जबकि माकपा के 10 में से एक प्रत्याशी करोड़पति है। रिपोर्ट के मुताबिक 152 प्रत्याशियों (54 प्रतशित) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता पांचवी से 12वीं कक्षा बताई है जबकि 127 प्रत्याशियों (45 प्रतिशत) के पास स्नातक या इससे अधिक की उपाधि है। दो प्रत्याशियों ने खुद को साक्षर और दो ने खुद को अनपढ़ बताया है। एक अन्य रिपोर्ट में एडीआर ने बताया कि चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे 210 विधायकों की औसत संपति 1. 38 करोड़ रुपये है जबकि उनकी संपत्ति में औसतन 78 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।