By रेनू तिवारी | Mar 06, 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की दहलीज पर खड़े राज्य में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर ने हलचल मचा दी है। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने बृहस्पतिवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी हैरानी जताई है और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे 'अलोकतांत्रिक कार्यशैली' का हिस्सा बताया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से कुछ सप्ताह पहले बृहस्पतिवार को राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस द्वारा अचानक दिये गए इस्तीफे पर कांग्रेस ने हैरानी जताई और कहा कि पिछले साल जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद से ‘‘बिना किसी कारण के हटा’’ दिया गया था और कोलकाता के लोक भवन में उनके उत्तराधिकारी (बोस) के साथ भी ‘‘इसी तरह का व्यवहार’’ किया गया है। विपक्षी दल ने यह भी कहा कि अब आर एन रवि को पश्चिम बंगाल भेज दिया गया है, ऐसे में ‘‘वहां उनके द्वारा रुकावटें पैदा करना तय है।’’
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पहले जगदीप धनखड़ को 21 जुलाई 2025 को भारत के उपराष्ट्रपति पद से अचानक हटा दिया गया। कोलकाता के लोक भवन में उनके उत्तराधिकारी सी.वी. आनंद बोस के साथ आज ऐसा ही व्यवहार किया गया। आखिर ये हो क्या रहा है?’’ रमेश ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘आर एन रवि, मोदी की ‘व्यवस्था’ का अभिन्न अंग हैं।
हालांकि, उनकी कार्यशैली के कारण उन्हें नगालैंड से हटना पड़ा था।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘वह (रवि) तमिलनाडु भेजे गए, जहां उन्होंने घोर बदनामी बटोरी। अब उन्हें पश्चिम बंगाल भेज दिया गया है, जहां वह निश्चित रूप से रूकावटें पैदा करेंगे।