By अंकित सिंह | Oct 05, 2023
केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने अंतरराष्ट्रीय जाट संसद में कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक अलग राज्य बनना चाहिए और इसकी राजधानी मेरठ होनी चाहिए। इस संसद में जाट समुदाय से जुड़े जन प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र को अलग राज्य बनाने, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, सर छोटू राम और राजा महेंद्र सिंह को भारत रत्न देने और देश के नए संसद भवन में महाराजा सूरजमल का स्मारक स्थापित करने की मांग उठाई गई। अपने संबोधन में बालियान ने कहा, "पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनना चाहिए और मेरठ इसकी राजधानी बननी चाहिए। यहां की आबादी आठ करोड़ है और हाई कोर्ट यहां से 750 किलोमीटर दूर है। इसलिए यह मांग पूरी तरह जायज है।"
राजनीतिक विश्लेषण को कामना है कि संजीव बालियान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े नेता है। वह जाट समुदाय से आते हैं। हालांकि, 2019 में मुजफ्फरनगर से उनके जीत का अंतर 6000 वोटो से भी काम था। इसके बाद किसान आंदोलन भी हुआ और जाट वोट खासतौर पर भाजपा से दूर होता दिखाई दिया। संजीव बालियान आगे की अपनी राजनीति को देखते हुए कहीं ना कहीं जाटों का समर्थन नहीं खोना चाहते। यही कारण है कि उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग की। जाट लगातार पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य देने की मांग करते रहे हैं। संजीव बालियान को यह पता है कि यह इतना आसान नहीं है। बावजूद इसके जाट वोट को अपने साथ जोड़े रखने के लिए उन्होंने यह दांव खेला है। संजीव बालियान 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर नाराज जाट वोटरों को करने की कोशिश में लगातार लगे रहे। पार्टी को इसका फायदा भी हुआ था।