एक पहलवान, दो राज्य, दो जन्म प्रमाण पत्र! WFI ने सरकारी System की खामियों पर उठाए गंभीर सवाल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 28, 2026

 भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने संभाजी नगर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पहले दिन एक अंडर17 महिला पहलवान को प्रतियोगिता में भाग लेने से रोक दिया, क्योंकि उसके पिता ने अलग-अलग राज्यों से दो जन्म प्रमाण पत्र पेश किए थे जिससे सरकारी स्तर पर दस्तावेज़ सत्यापन में स्पष्ट कमियां भी उजागर हुईं। मध्य प्रदेश की तरफ से महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में भाग लेने की इच्छुक पहलवान (नाम गुप्त रखा गया है) के जन्म प्रमाण पत्रों में विसंगतियां पाई गई थी जिसके बाद अधिकारियों ने उसे प्रतियोगिता में भाग लेने से रोक दिया।

नए जन्म प्रमाण पत्र में भी जन्मतिथि 26 अगस्त 2010 ही दर्ज है लेकिन उसमें पंजीकरण की तिथि एक सितंबर 2010 बताई गई है। यह पंजीकरण राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ था और जन्म स्थान के रूप में वहां के एक निजी नर्सिंग होम का उल्लेख किया गया है। हालांकि यह प्रमाणपत्र इसके काफी बाद अप्रैल 2025 में जारी किया गया था।

पिता ने इस बात पर जोर दिया कि जन्मतिथि में कोई हेरफेर नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि परिवार के मध्य प्रदेश स्थानांतरित होने के बाद इस राज्य से भी नया प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया था, ताकि पहलवान राज्य का प्रतिनिधित्व कर सके। डब्ल्यूएफआई के अधिकारियों ने हालांकि पहलवान को प्रतियोगिता में प्रवेश देने से इनकार कर दिया और सवाल उठाया कि मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बिना कोई अन्य राज्य कैसे दूसरा जन्म प्रमाण पत्र जारी कर सकता है।

डब्ल्यूएफआई के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इससे गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं। हमसे आयु पात्रता के संबंध में सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन उचित जांच के बिना ऐसे प्रमाण पत्र कैसे जारी किए जा रहे हैं। अगर दो राज्य अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र जारी करते हैं तो इससे पूरी व्यवस्था ही कमजोर हो जाएगी।’’ महासंघ ने हाल के महीनों में बड़े स्तर पर सामने आए एक चलन की ओर भी इशारा किया, जिसमें हरियाणा के कई पहलवानों द्वारा कथित तौर पर दिल्ली के रोहिणी और नरेला जिलों से जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने का पता चला है, जिसके कारण सख्त प्रशासनिक निगरानी की मांग उठाई गई है।

डब्ल्यूएफआई के अधिकारी ने कहा, ‘‘सरकार ने खेल निकायों पर आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में उम्र को लेकर धोखाधड़ी के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने का दबाव डाला है। जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के लिए जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों की भी जवाबदेही होनी चाहिए।’’ डब्ल्यूएफआई ने राज्यों से बेहतर समन्वय और दस्तावेज़ जारी करने के समय सख्त सत्यापन प्रणाली लागू करने का आग्रह किया है।

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