By अभिनय आकाश | Nov 10, 2025
सैयद अहमद मोहयुद्दीन नाम का डॉक्टर अगर पकड़ा नहीं जाता तो यह हजारों भारतीयों को शायद मार चुका होता। सैयद अहमद ने चीन से एमबीबीएस यानी डॉक्टरी की पढ़ाई की है। लेकिन ये पढ़ाई शायद लोगों को बचाने के लिए नहीं बल्कि बड़ी संख्या में लोगों को मारने के लिए की गई थी। चीन से डॉक्टर की डिग्री लेने वाले सैयद अहमद ने हजारों भारतीयों को मारने के लिए एक खतरनाक जहर बनाने का काम शुरू कर दिया था। इसने जहर बनाने के लिए अपनी लैब में सारा सामान इकट्ठा करना शुरू कर दिया था।
अधिकारी ने बताया कि सैयद हैदराबाद का रहने वाला है। वहीं, अन्य आरोपी आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल मोहम्मद सलीम, दोनों उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जिन्हें बनासकांठा जिले से गिरफ्तार किया गया। दोनों ने कथित तौर पर राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार हासिल किए थे और उन्हें सैयद को दिया था। एटीएस ने कहा, आगे आरोपियों के कॉल डिटेल रेकॉर्ड की जांच की जाएगी।
काफी रेडिकल मेंटालिटी है इसकी। यह भारत में मोटे प्रमाण में मतलब बड़ी लोगों को नुकसान पहुंचा पाए। इस तरह की आतंकवादी घटना को अंजाम देना चाहता था। इसके लिए बहुत सारे फॉरेनर्स के कांटेक्ट में था। अभी जिस व्यक्ति के साथ इसका सबसे ज्यादा लाइव कम्युनिकेशन था वो एक अब्बू खदीजा नाम से एक टेलीग्राम आईडी थी जिसके साथ एक कांटेक्ट में था जिसे अपना आमिर मानता था। अब्बू खदीजा जो है वह आईएसकेपी का हो सकता है। ऐसा इसका मानना है। इन्होंने मिलकर के जो राइज़न एक बहुत ही पोटेंट पोइजन है उसको बनाने की प्रोसेस इसने स्टार्ट की थी। उसके लिए इसने रिक्वायर्ड कैस्टर सीड्स, एसीटोंस, क्रशर्स वगैरह वगैरह जो इसको चाहिए वो इसने प्रोक्योर किए थे और वो केमिकल प्रोसेस भी चालू कर दी थी।