युद्ध विराम से पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत-पाकिस्तान से क्या कहा था? क्या सच में अमेरिका ने ‘परमाणु आपदा’ को टाला? भारत ने खारिज किया दावा

By रेनू तिवारी | May 31, 2025

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपने विवादास्पद दावे को दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को पूर्ण संघर्ष, संभवतः परमाणु टकराव में शामिल होने से रोका है। ओवल ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हमने व्यापार पर बात की और हमने कहा, 'हम उन लोगों के साथ व्यापार नहीं कर सकते जो एक-दूसरे पर गोली चला रहे हैं और संभावित रूप से परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।' उनके बगल में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क बैठे थे, जो ट्रंप प्रशासन में सरकारी दक्षता विभाग या DOGE के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका से हट रहे हैं।

 

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भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष के दौरान भारतीय और अमेरिकी नेताओं के बीच बातचीत में व्यापार के मामले पर कोई चर्चा ही नहीं हुई। भारत ने अमेरिका के इस दावे को दरअसल खारिज किया है कि व्यापार संबंधी उसके प्रस्ताव के कारण संघर्ष रोकने पर सहमति बनी। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, ‘‘मुझे लगता है कि जिस सौदे पर मुझे सबसे अधिक गर्व है, वह यह है कि हम भारत के साथ काम कर रहे हैं, हम पाकिस्तान के साथ काम कर रहे हैं और हम गोलियों के बजाय व्यापार के माध्यम से संभावित परमाणु युद्ध को रोकने में सफल रहे।’’

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ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आमतौर पर वे गोलियों के माध्यम से ऐसा करते हैं। हम व्यापार के माध्यम से ऐसा करते हैं, इसलिए मुझे इस पर बहुत गर्व है। कोई भी इसके बारे में बात नहीं करता है, लेकिन पाकिस्तान और भारत के बीच एक बहुत ही भयानक संभावित युद्ध हो रहा था। अब यदि आप देखें तो वे सही दिशा में काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत बुरा होता जा रहा था। यह बहुत खराब होता जा रहा था। वे दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं।’’

ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तानी प्रतिनिधि अगले सप्ताह अमेरिका आ रहे हैं। ट्रंप ने ‘एयर फोर्स वन’ (अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला विमान) से निकलने के बाद ‘जॉइंट बेस एंड्रयूज’ में संवाददाताओं ने कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, हम भारत के साथ सौदा करने के बहुत करीब हैं।’’ ट्रंप ने कहा, ‘‘अगर वे एक-दूसरे के साथ युद्ध करते हैं तो मुझे उनमें से किसी के साथ सौदा करने में कोई दिलचस्पी नहीं होगी। मैं ऐसा नहीं करूंगा और मैं उन्हें बता दूंगा।’’ यह एक दिन में दूसरी बार है जब ट्रंप ने अपना यह दावा दोहराया कि भारत और पाकिस्तान को युद्ध करने से उनके प्रशासन ने रोका।

ट्रंप ने शुक्रवार को पहले भी दावा किया था कि उन्होंने भारत एवं पाकिस्तान को लड़ने से रोका तथा दोनों देशों से कहा कि उनका (ट्रंप) प्रशासन एक-दूसरे पर गोली चलाने वालों से व्यापार नहीं कर सकता। ट्रंप ने अरबपति कारोबारी एवं टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन मस्क के साथ ‘ओवल ऑफिस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय) में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, ‘‘हमने भारत और पाकिस्तान को लड़ने से रोका। मेरा मानना ​​है कि यह परमाणु आपदा में बदल सकता था।’’

सरकारी दक्षता विभाग का कार्यभार संभालने वाले मस्क ने ट्रंप प्रशासन छोड़ दिया है। ट्रंप ने कहा कि वह ‘‘भारत के नेताओं, पाकिस्तान के नेताओं और अपने लोगों को भी धन्यवाद देना चाहते हैं। हमने व्यापार पर बात की और कहा कि ‘‘हम उन लोगों के साथ व्यापार नहीं कर सकते जो एक-दूसरे पर गोली चला रहे हैं और जिनके द्वारा परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।’’ उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के नेता ‘‘महान’’ हैं तथा ‘‘उन्होंने समझदारी दिखाते हुए सहमति जताई जिसके बाद यह सब बंद हो गया।’’

ट्रंप ने कहा, ‘‘हम दूसरों को भी लड़ने से रोक रहे हैं क्योंकि आखिरकार हम किसी से भी बेहतर लड़ सकते हैं। हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन सेना है। हमारे पास दुनिया के सबसे बेहतरीन नेता हैं।’’ भारत लगातार यह कहता रहा है कि सैन्य हमले रोकने पर सहमति उसकी और पाकिस्तान की सेनाओं के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सीधी बातचीत के बाद बनी थी।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में भारतीय सांसदों का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल गुयाना, पनामा, कोलंबिया और ब्राजील की यात्रा के बाद तीन जून को वाशिंगटन डीसी पहुंचेगा, जहां वह अमेरिका को आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प से अवगत कराएगा तथा आतंकवाद के साथ पाकिस्तान के संबंधों को उजागर करेगा।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों के मारे जाने के लगभग दो सप्ताह बाद भारत ने पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। सीमा के दोनों तरफ से चार दिन तक ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान ने संघर्ष रोकने पर 10 मई को सहमति जताई थी।

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