By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 28, 2026
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई, जिससे दक्षिणी, तटीय और पश्चिमी ओडिशा के 13 जिलों में बाढ़ व जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। उन्होंने बताया कि महानदी में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई, जिससे डेल्टा क्षेत्र के पांच जिलों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
जिले में बाढ़ से 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद हीराकुड जलाशय से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण महानदी का जलस्तर बढ़ना एक और चुनौती बन गया है। माझी ने बताया कि उन्होंने कोरापुट के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत करके उनकी समस्याओं को समझा।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा कि रविवार रात महानदी से सात लाख क्यूसेक पानी बहकर कटक के पास मुंडली पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह तक यह मात्रा बढ़कर आठ लाख क्यूसेक हो सकती है। राउत ने कहा कि इससे महानदी की कई सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ जाएगा और कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर तथा केंद्रपाड़ा जिलों के कुछ हिस्सों में बाढ़ आ सकती है।
राउत ने कहा, ‘‘कटक जिले के बांकी, अतगढ़ और बडंबा के कई इलाके आज पानी में डूब जाएंगे। उन्होंने कहा कि कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिलों के निचले इलाकों में भी पानी भर सकता है। मुख्यमंत्री माझी ने राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और राज्य के विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के साथ गंजाम और कोरापुट जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।